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जुनिया जलाशय : नहरों में गड़बड़ी, खेतों तक नहीं पहुंचता पानी
केसली क्षेत्र के सैकड़ों किसान परेशान
सिटीरिपोर्टर | सागर
जलसंसाधनविभाग के जुनिया जलाशय का पानी नहरों से भी खेतों तक नहीं पहुंचता है। इससे केसली क्षेत्र के खैरीकलागांव के सैकड़ों किसान परेशान हैं। 7 माह पहले 3 जून को उन्होंने जनसुनवाई में कलेक्टर को अपनी परेशानी बताई। आवेदन भी दिया, लेकिन समस्या जस की तस है। खेतों में पानी पहुंचने की सबसे बड़ी वजह यह है कि नहर डेढ़ से ढाई मीटर कटिंग में बना दी गई है। इससे उनसे जलाशय के पानी का बहाव ठीक से नहीं हाे पाता है।
केसली विकासखंड में जुनिया जलाशय नहर का निर्माण करीब पांच साल पहले हुआ था। तब से लेकर अब तक खैरीकला और आसपास के गांवों के किसानों को जलाशय से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिला है। गांव के किसान अरविंद तिवारी, दुर्गा प्रसाद तिवारी, छोटे भाई पटेल, दिनेश कुमार, शंकर लाल, गोविंद तिवारी आदि ने बताया हमने सोचा था कि नहर बनने से सिंचाई संबंधी दिक्कत दूर हा़े जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कईहैं तकनीकी खामियां : जलसंसाधन विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर एसएल चौरसिया के अनुसार खैरी मौजा में सुनार नदी पर जिस स्थान पर नहर का एक्वाडक्ट बना है। वहां कई स्थान ऐसे हैं जहां मिट्टी की फिलिंग महज 2 से 3 मीटर है। इस कारण नहर उन स्थानों पर हर साल टूट जाती है। रिटायर्ड इंजीनियर का कहना है कि यह एक्वाडक्ट के दोनों तरफ की नहर पक्की हो जाए तो टूट-फूट नहीं होगी।
गड़बड़ी के लिए
जिम्मेदार कौन
नहरकी तकनीकी गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन। यह पता लगाने के लिए खैरीकला निवासी राजेंद्र सिंह, नंद किशोर, कमलेश चौरसिया ने जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में मामले की जांच कराने की मांग की है।
सुनाहै अब देखूंगा
Ãजुनियाजलाशय की नहर गड़बड़ है। इस बारे में सिर्फ सुना है। मैं दो माह पहले ही यहां आया हूं। किसानों को पानी क्यों नहीं मिल रहा। यह पता लगाने जल्द ही जलाशय नहर का निरीक्षण करुंगा और प्रपोजल तैयार करुंगा। ताकि किसानों को भविष्य में पर्याप्त मात्रा में पानी मिले। -एके चौबे, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-एक