मुख्यमंत्री तक शिकायत, तब शुरू हुई जांच
आधारकार्ड के एवज में अवैध वसूली कर रहे एनरोलमेंट सेंटर और कियोस्क सेंटरों के संचालकों की पीड़ित लोगों ने कलेक्टर से लेकर सीएम हेल्प लाइन 181 तक शिकायतें की गई हैं। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया है। सीएम हेल्प लाइन से लोगों को कोई मदद तो नहीं मिली है। हांलाकि प्रशासन ने मामले में जांच शुरू कर दी है। 9 फरवरी को मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष हरिआेम पांडे ने कलेक्टर से इस मामले की शिकायत की थी। प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।
येथा शिकायत का मजमून : मध्यप्रदेशतृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल कियोस्क विंडो पर आधार कार्ड बनाने के एवज में ली जा रही फीस की जांच कराई जाए। साथ ही नि:शुल्क आधार कार्ड बनवाने की मांग कलेक्टर एके सिंह से की थी। इस मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय कर्मचारियों के सपरिवार आधार कार्ड बनवाने के लिए एक कियोस्क तय करने की मांग भी की थी। प्रतिनिधिमंडल में बृजबिहारी उपाध्याय, डीआर परमेश्वरी, गणेश श्रीवास्तव, अनिल भट्ट, आरपी सिंह, जेएन श्रीवास्तव, अशाेक चौबे सहित कर्मचारी शामिल थे।
एसडीएमकर रहे हैं जांच : सिटीमजिस्ट्रेट अर्चना सोलंकी का कहना है कि इस मामले की जांच एसडीएम कमल साेलंकी को सौंपी गई है। आप उनसे बात कर लीजिए।
फाॅलोअप
संचालकों से जवाब तलब किया है
एसडीएमकमल सोलंकी का कहना है कि इस मामले में दो पटवारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कियोस्क और एनरोलमेंट सेंटर संचालकों ने पैसे लेने की बात स्वीकारी है। इस पर उनसे गुरुवार को जवाब-तलब किया गया है। पूछा गया है कि किन निर्देशों के आधार पर वे लोगों से कार्ड बनाने के पैसे वसूल रहे हैं। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि यदि राशि लेने का प्रावधान नहीं है तो वे पैसा नहीं लें। यदि शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी।