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रिफाइनरी मजदूर संघ की मान्यता निरस्त नहीं होगी
कोर्ट ने खाजिर की बीओआरएल की अपील
रिफाइनरीमजदूर संघ की मान्यता संबंधी बीओआरएल के आवेदन को औद्योगिक कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके पहले बीओआरएल ने पंजीयक कार्यालय में भी आपत्ति लगाई थी। यहां से आपत्ति खारिज होने पर रिफाइनरी प्रबंधन ने औद्योगिक कोर्ट में आवेदन दिया था।
मजदूर संघ के अध्यक्ष सुनील सिरोठिया ने बताया कि संघ के पंजीयन के विरुद्ध भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड के लीगल मैनेजर द्वारा पंजीयक कार्यालय भोपाल में आवेदन लगाया गया था। जांच में पंजीयक ने माना कि रिफाइनरी मजदूर संघ के पंजीयन के लिए 25 अप्रैल 2011 को आवेदन मिला था। परीक्षण के बाद 28 अप्रैल को सहायक श्रमायुक्त सागर को सदस्यता सत्यापन के लिए पत्र भेजा गया था। 5 मई 2011 तक सत्यापन अप्राप्त रहने की स्थिति में अजय बबेले, संतोष राय, राकेश रैकवार, शिवकुमार ओझा, बलराम सिंह दांगी, मनोज चौबे, रूपनारायण तिवारी, उदय सिंह चंदेल, मुकेश राय एवं बलराम कुशवाहा कार्यालय पहुंचे और स्वयं को रिफाइनरी की ठेका कंपनियों में कार्यरत होकर मजदूर संघ का सदस्य बताया। इस आधार पर रिफाइनरी मजदूर संघ का पंजीयन किया गया। इस दौरान नियोजितों अथवा सदस्यों द्वारा कोई आपत्ति नहीं प्रस्तुत की गई। पंजीयक व्यावसायिक संघ मप्र ने बीओआरएल के आवेदन को विचार योग्य नहीं मानते हुए अमान्य कर दिया।
इस निर्णय के विरुद्ध बीओआरएल ने औद्योगिक कोर्ट भोपाल में आवेदन प्रस्तुत किया। जज वीके कोष्टी ने सुनवाई के बाद अपील को प्रचलन योग्य नहीं मानते हुए निरस्त कर दी। बीओआरएल के सीनियर एचआर मैनेजर केपी मिश्रा ने बताया कि मामला चल रहा था लेकिन क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है।
झूलोंके लिए नहीं दिया फिटनेस प्रमाण-पत्र
बीना।सब्जी मंडी के समीप लगाए गए मनोरंजन मेले में लगे झूलों का फिटनेस प्रमाण पत्र आयोजक द्वारा नहीं दिया गया है। सामान्य बाजार लगाने के लिए एसडीएम द्वारा एनओसी दे दी गई है। एसडीएम डॉ. जे विजय कुमार ने बताया कि मेले में लगे झूलों का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं आया है।