पंच बनकर बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने खुद ही किए थे पंचनामें पर दस्तखत
मामले की जांच करेंगे।
सागर। 11साल की बच्ची व उसके स्वर्गीय दादा पर बिजली चोरी का प्रकरण बनाने के आरोपों में घिरी मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। सिटी डिवीजन के प्रभारी कार्यपालन यंत्री एके सावरीकर मामले की जांच करेंगे।
मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता कार्यालय ने सिटी डिवीजन पीली कोठी क्षेत्र में 2010 में 11 साल की बच्ची साहिबा उर्फ नाजनी, उसके पिता अहमद खान 1995 में मृत हुए बच्ची के दादा कासिम खान पर बिजली चोरी का प्रकरण बनाने के मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
चूंकि मामला नगर संभाग क्षेत्र से जुड़ा है। इस कारण मॉनीटरिंग सेल के प्रभारी एवं प्रभारी कार्यपालन यंत्री एके सावरीकर को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। मामले में तत्कालीन सहायक यंत्री आरके गुप्ता टीम में शामिल अन्य सदस्यों से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
अधिकारियों ने सत्यापन नहीं किया : बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एक हफ्ते में लगातार दो मामले सामने आने पर यह स्वीकार कर रहे हैं कि दोनों मामलों में टीम के अधिकारियों ने मौके पर या प्रकरण कोर्ट में जाने से पहले संबंधित मीटर कनेक्शनधारी, उपयोगकर्ता परिवार के सदस्यों का सत्यापन नहीं किया।
मौके पर मौजूद व्यक्ति ने जो बताया उसे ही टीम ने अपने पंचनामे में दर्ज कर लिया। पंच मिलने पर टीम के लाइनमैन या अन्य सदस्यों ने पंच के रूप में हस्ताक्षर कर दिए। टीम की इसी चूंक के कारण इस तरह के मामले सामने आए हैं।
नगरसंभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री एके सावरीकर के अनुसार वरिष्ठ कार्यालय से जांच के निर्देश के बाद मामले की जांच करेंगे। जो भी तथ्य सही गलत होगा, उसकी रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को सौंपी जाएगी।
'' नाबालिग बच्ची और मृतक कनेक्शनधारी के नाम पर बिजली चोरी का प्रकरण तत्कालीन टीम ने कैसे दर्ज किया है। इसकी जांच कराई जाएगी। मामला आपके माध्यम से जानकारी में आया है। जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि हमारे अधिकारी कर्मचारी की गलती है तो कार्रवाई भी जरूर होगी। '' -जीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी, सागर।