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22 बर्खास्त शिक्षक वापस रखे, मुझे खबर तक नहीं दी : कुलपति

7 वर्ष पहले
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डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के बर्खास्त 22 शिक्षकों को वापस लेने के मामले में कुलपति प्रो. आरएस कसाना ने बड़ा खुलासा किया है। प्रो. कसाना का कहना है कि कुलसचिव अनूप केशवदेव पुजारी ने 11 सितंबर को शिक्षकों की बहाली करने से पहले तो उनसे कुछ पूछा, अनुमति ली और ही इसकी सूचना दी। कुलपति ने कहा कि शिक्षकों को वापस रखने की जानकारी उन्हें समाचार अन्य माध्यमों से मिली।

कुलसचिव अनूप केशवदेव पुजारी ने भी दैनिक भास्कर से बातचीत में स्वीकार किया कि उन्होंने शिक्षकों को वापस लेने के फैसले की जानकारी कुलपति को नहीं दी, क्योंकि एचआरडी के अफसरों ने साफ कहा था कि इसकी अनुमित या जानकारी किसी को भी देने की जरूरत नहीं है।

दरअसल, निर्धारित न्यूनतम योग्यता नहीं रखने को आधार बनाकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 9 जुलाई 14 को 19 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद 3 और शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। 7 अगस्त को एचआरडी से आए पत्र के परिपालन में कुलपति के आदेश पर कुलसचिव ने 22 28 अगस्त को दो अलग-अलग कार्यालयीन आदेश जारी किए।

28 अगस्त के आदेश में स्पष्ट था कि बर्खास्त शिक्षकों की ज्वाइनिंग ड्यूटी विचारणीय नहीं होगी। 11 सितंबर को उन्होंने यह आदेश वापस ले लिया। इससे शिक्षक विश्वविद्यालय में काम करने लगे हैं। शेष| पेज 9 पर

22 बर्खास्त शिक्षक वापस रखे, मुझे खबर तक नहीं दी : कुलपति

यहहै पूरा मामला

-7 अगस्त को एमएचआरडी में भारत सरकार के अंडर सेक्रेटरी आरपी तिवारी ने एक पत्र विश्वविद्यालय को भेजा था। इसमें लिखा था कि प्रभारी व्यक्ति को संवैधानिक शक्तियों के अधिकार के पॉवर नहीं है। प्रभारी कुलपति ने शिक्षकों को बर्खास्त करने में उन्हें मिली शक्तियों से ज्यादा का प्रयोग किया। 19 शिक्षकों की बर्खास्तगी को अबेएंस में रखते हुए ईसी में निराकरण के लिए तब रखें, जब रेग्युलर कुलपति विवि में ज्वाइन कर लें।

- एचआरडी के जिस पत्र की पुष्टि करने से विश्वविद्यालय प्रशासन बचता रहा, बाद में उसी पत्र के आधार पर 22 अगस्त को कुलसचिव ने कुलपति के आदेश पर सभी 22 बर्खास्त शिक्षकों को अलग-अलग ऑफिस ऑर्डर जारी किए गए। इसमें स्पष्ट लिखा गया कि 7 अगस्त को एचआरडी से आए पत्र के परिपालन में आपकी टर्मिनेटिंग को अबेएंस यानी स्थगन में रखते हुए ईसी में निराकरण के लिए तब रखा जाएगा, जब रेग्युलर कुलपति ज्वाइनिंग कर ले