सागर। चाकू लेकर घर में घुसे बदमाशों को भागने पर मजबूर करने वाली इंजीनियर की पत्नी श्रीमती मीना जैन को उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया। रविवार को अंकुला कॉलोनी स्थित जैन मंदिर में जैन समाज की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह श्रीफल भेंट किया गया। इस अवर पर मीना जैन ने कहा कि हमने तो अपना काम कर दिया। अब पुलिस की बारी है कि वह कितनी बहादुरी से बदमाश को पकड़ पाती है। मैं बदमाश का सामना करती रही। मुझे पता ही नहीं चला कि मेरे हाथ में चाकू लग गया है। कलाई से खून बहता देख पड़ोसियों ने मुझे बताया कि आपके हाथ से खून बह रहा है।
इस घटना ने मुझे सीख दे दी है कि घर की घंटी बजते ही कभी भी फौरन दरवाजा नहीं खोलना चाहिए। मेरी तरह हर महिला को कठिन समय में भी अपना धैर्य और साहस नहीं खोना चाहिए। "भास्कर' ने मेरे साहस को और भी दोगुना बढ़ा दिया है। उनके पति डीके जैन का कहना है कि अंकुर कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटों का अभाव है। रात में भी बदमाश किस्म के लोग घूमते रहते हैं।
सम्मान समारोह में आचार्य पारस सागर महाराज का विशेष सानिध्य रहा। कार्यक्रम में जैन महिला परिषद की प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. राजलक्ष्मी बामोरिया, विद्या चौधरी, कल्पना, साधना, पिंकी आदि उपस्थित थे।
बदमाशों का मुकाबला करने वाली महिला को समाज ने सम्मानित किया ।
(सागर. मीना जैन को सम्मानित करती अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद की सदस्य।)