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संभाग में बिजली कंपनी के महज 1 हजार मामले निपटे

7 वर्ष पहले
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मप्रपूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी के सागर संभाग के पांचों जिलों की कोर्ट में पेंडिंग हजारों मामलों में से लोक अदालत में महज 1 हजार मामले ही निपट सके हैं। इनमें करीब 80 लाख रुपए ही जमा कराया जा सका है। दूसरी ओर प्रीलिटिगेशन के मामलों में सबसे ज्यादा राशि आई है। हालांकि अधिकांश मामले कोर्ट के बाहर निपटाए गए हैं। नेशनल लोक अदालत में शनिवार को मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी द्वारा सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ दमोह जिले में पेंडिंग कोर्ट केस में 988 मामलों में राजीनामा हुआ है। इनमें 80 लाख 14 हजार रुपए की राशि जमा कराई गई है। जबकि पेंडिंग कोर्ट केस की संख्या कई गुना अधिक थी। दूसरी ओर ऐसे मामले जो कोर्ट में दाखिल नहीं किए गए से सबसे ज्यादा उनमें निपटारा हुआ है। ऐसे प्रीलिटिगेशन के मामलों में संभाग के पांचों जिलों में 18 हजार 839 मामलों में राशि जमा कराई गई है। बिजली कंपनी के अधिकारियों द्वारा इसमें करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपए जमा होना बताया जा रहा है। इसमें ऐसे मामले भी शामिल है जिसमें उपभोक्ताओं ने बिल काउंटरों पर राशि जमा कराई है।

मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी के इंफोर्समेंट के सीई जीपी तिवारी के अनुसार संभाग के सागर जिले के 403 पेंडिंग कोर्ट केस में राजीनामा हुआ है। इसमें 39 लाख 34 हजार रुपए जमा हुए हैं। प्रीलिटिगेशन के मामलों में सागर जिले में 15 हजार 44 मामलों में 5 करोड़ 88 लाख 78 हजार रुपए जमा हुआ है।

165लाख ब्याज लगाया, दो करोड़ जमा हुआ : मप्रपूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार सागर जिले में बिजली चोरी से इतर ऐसे मामले जो कोर्ट में नहीं रखे गए थे एवं ऐसे मामले जिनमें उपभोक्ता द्वारा समय पर बकाया राशि जमा करने पर करीब 1 करोड़ 65 लाख रुपए केवल ब्याज लगाया गया है। दूसरी ओर लोक अदालत में सभी प्रकार के मामलों में केवल 2 करोड़ के आसपास ही राशि जमा हो सकी है। लोक अदालत संपन्न होने के बाद भी कंपनी को 7 करोड़ के आसपास की वसूली करना बाकी है।

एस्सेलके 440 मामलों में से 40 मामले निपटे: मेगालोक अदालत में फ्रेंचाइजी कंपनी एस्सेल द्वारा कुल 440 मामले राजीनामा के लिए रखे गए थे। इसमें केवल 40 मामलों में समझौता किया गया।

लोक अदालत

Ãशनिवार को आयोजित लोक अदालत में लोगों ने समझौता करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखााई। जबकि कोर्ट में जाने से पूर्व