विजुअल अब जीवन बन चुका है
विजुअल अब जीवन बन चुका है
सागर | डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान विभाग में फोटोग्राफी के आयामों पर कार्यशाला हुई। अंतरराष्ट्रीय छायाकार उमेश मेहता ने कहा कि विजुअल अब जीवन का अंग नहीं, वरन जीवन बन चुका है। यह जीवन के लक्ष्य में स्मृति में लाइफ बन चुकी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एपी सिंह ने कहा कि मानव विज्ञान विजुअल के बिना असंभव है। व्यवहारिक अध्ययनशाला के अधिष्ठाता प्रो. एएन शर्मा ने कहा कि हमें ज्ञान की गंगा जहां से मिले, वहां से प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। हम तो चाहे, जनजाति जीवन हो या विद्वानों से ज्ञान विद्यार्थियों को दिलाना चाहते हैं। साथ ही उन्हें ज्ञान से दीक्षित करके वह राष्ट्र में सितारा जैसा चमकें बनाना चाहते हैं। इसमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस मौके पर वीनू राणा, डॉ. राजेश गौतम, डॉ. आशीष द्विवेदी, डॉ. प्रदीप मेहता आदि मौजूद थे। संचालन भगत सिंह ठाकुर ने किया। आभार डॉ. केके एन शर्मा ने माना।