सागर। गौवंशीय पशुओं के साथ क्रूरता और उनके अवैध परिवहन का सनसनीखेज केस सामने आया है। बुधवार को जैसीनगर के बरोदा के पास एक राजस्थान पासिंग ट्रक खड़ा मिला, जिससे तेज बदबू रही थी। गांव के लोगों ने वाहन से तिरपाल हटाई तो होश उड़ गए। ट्रक में कुल 52 मवेशी ठूंस-ठूंसकर मवेशी भरे गए थे। 42 बैलों की दम घुटने से वाहन में ही मौत हो गई थी।
ग्रामीणों की सजगता से 10 पशु मौत के मुंह से निकाल लिए गए। जैसीनगर होते हुए सिलवानी रोड से मवेशियों से लदा दूसरा ट्रक पहले ही यहां से निकल चुका था। इस ट्रक में मंगलवार शाम कोई टेक्निकल फॉल्ट गया था। कई मवेशी ट्रक में ही मर चुके थे, डर के कारण ड्राइवर क्लीनर ट्रक छोड़कर भाग निकले।
ट्रक क्रमांक आरजे जीए 3185 बरोदा गांव के पास मेन रोड किनारे मंगलवार शाम 5 बजे से खड़ा हुआ था। काफी देर तक ड्राइवर क्लीनर ट्रक में आए फॉल्ट को सुधारते रहे। ट्रक का पिछला हिस्सा काली तिरपाल से ढंका था। यहां से आने-जाने वाले ग्रामीण समझ रहे थे कि इसमें रेत लदी हुई है। जिससे किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। बुधवार सुबह भी ट्रक उसी जगह खड़ा मिला। उसमें ड्राइवर था क्लीनर। ट्रक से तेज बदबू रही थी। लोगों को ट्रक में मवेशी होने का शक हुआ। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने ट्रक के ऊपर चढ़कर तिरपाल हटाई तो दो हिस्सों में भरे बैल मृत पड़े दिखे। इनमें से कुछ जीवित भी थे। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। जैसीनगर थाने के एएसआई एचआर गंगेले विटनरी डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची।
ट्रक से बाहर आते ही पानी घास पर टूट पड़े मवेशी: सुबह करीब9 बजे जिंदा बचे पशुओं को जैसे ही ट्रक से उतारा गया वे पास में ही बह रहे नाले के पानी की तरफ भागे। वहीं खेत में लगी घास पर टूट पड़े। कई दिन से भूखे-प्यासे लग रहे थे। ट्रक के ऊपर के हिस्से में 26 और नीचे 16 पशु मृत पाए गए। क्रूरता पूर्वक ट्रक में भरकर ले जाए जा रहे ये सभी पशु 6 से 7 साल के तंदुरुस्त बैल थे। विटनरी डॉक्टर जगदीश राय डीएस पांडेय ने बताया कि भूख-प्यास और ठूंस-ठूंसकर ले जाए जाने से पशुओं की मौत हुई है। ट्रक में आड़े डालकर उनके पैर रस्सी से बांधे गए थे। उनकी हालत इतनी खराब थी कि वे रंभा भी नहीं पा रहे थे। जानकारों के मुताबिक पशुओं के अवैध परिवहन के पहले उन्हें चूने का पानी पिलाया जाता है, जिससे वे रंभा नहीं पाते। इस तरह किसी को शक भी नहीं होता कि ट्रक में क्या लदा हुआ है। गांव के प्रमोद कुर्मी, भूरेलाल पुरुषोत्तम गौर ने बताया कि सुबह ट्रक में मृत पड़े मवेशियों की सूचना जैसीनगर थाने में दी गई। काफी देर तक पुलिस नहीं पहुंची तब सुरखी विधायक पारुल साहू के सागर ऑफिस में खबर दी गई। नीरज केशरवानी ने बताया कि जैसीनगर थाना प्रभारी एसडीओपी को कॉल किया, लेकिन दोनों से संपर्क नहीं हुआ। इसके बाद एसपी सचिन अतुलकर को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, तब जाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
ट्रक का सामान निकाला : एएसआई गंगेले ने बताया कि ट्रक जब्त कर केस दर्ज कर लिया है। गुस्साए लोगों ने ट्रक की केबिन के अंदर से सामान निकाल लिया। पुलिस मृत मवेशियों सहित वाहन को थाने ले गई। वहीं रात 9 बजे जिंदा 10 पशुओं को रतौना दयोदय गौ शाला भेजा गया। धर्म रक्षा संगठन के सूरज
सोनी शिवसेना के पप्पू तिवारी ने पशुओं के अवैध परिवहन को लेकर विरोध जताया। मंगलवार की रात मकरोनिया में यूपी जा रही बस से भी एक बोरी मांस जब्त किया गया था।
जैसीनगर के बरोदा के पास राजस्थान पासिंग ट्रक में मंगलवार की शाम को आई थी खराबी, बुधवार सुबह तेज बदबू आने पर ट्रक में मृत मवेशी होने का पता चला, ग्रामीणों की सजगता से 10 मवेशियों की बचाई जा सकी जान, एसपी को फोन लगाया तब मौके पर पहुंची जैसीनगर पुलिस ।