- Hindi News
- सागर में जल्द ही ऑन लाइन कराई जा सकेंगी रजिस्ट्री
सागर में जल्द ही ऑन-लाइन कराई जा सकेंगी रजिस्ट्री
जमीन के बंधक होने की जानकारी मिलेगी
भविष्यमें ऑन-लाइन रजिस्ट्री में खरीदार को संबंधित संपत्ति पर लोन, न्यायलयीन स्टे या अन्य विवाद के बारे में एक क्लिक पर जानकारी मिलेगी। इसके आधार पर वह बेचवार दलाल द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी से बच सकेंगे। फिलहाल यह काम मैन्युअली होता है। इसमें लोगों को अक्सर समय पर जानकारी नहीं मिल पाती है।
ऑन-लाइनरजिस्ट्री होगी तो लगेंगे ई-स्टांप
ऑन-लाइनपंजीयन की एक बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें ई-स्टांपिंग होगी। खरीदार-बेचवार से कार्यालय द्वारा तय सर्विस प्रोवाइडर (स्टांप वेंडर-कम-दस्तावेज लेखक) एमपी ऑनलाइन की तर्ज पर स्टांप फीस नकद जमा करा लेंगे। इससे लोगों को स्टांप के लिए यहां-वहां नहीं भटकना पड़ेगा।
तहसीलस्तर का स्टाफ भी प्रशिक्षित
Ãजिलाउप पंजीयक के अलावा तहसीलों के उप-पंजीयकों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। हमारी तैयारी यहां जल्द से जल्द ई- रजिस्ट्री शुरू करने की है। शासन की हरी झंडी मिलते ही हम रजिस्ट्रियां शुरू कर देंगे। फिलहाल सरकार द्वारा मंजूर तीन लाख रुपए से वर्तमान कार्यालय को ई-पंजीयन ऑफिस में तब्दील किया जा रहा है। -एचपी कार्तिकेय, वरिष्ठजिला पंजीयक, सागर
जिले के अफसरों को मिला ई-वर्किंग का प्रशिक्षण टीकमगढ़ में इसी महीने से शुरू हुई हैं ऑन-लाइन रजिस्ट्रियां
अभिषेकयादव | सागर
मकान,जमीन की रजिस्ट्री तथा पॉवर ऑफ अटार्नी सहित अन्य दस्तावेज जल्द ही ऑन-लाइन बनवाए जा सकेंगे। इस महीने से संभाग के टीकमगढ़ जिले में और प्रदेश के सीहोर, उज्जैन, अनूपपुर और बालाघाट जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत हो गई है। अब सरकार प्रदेश के बाकी जिलों में ऑन-लाइन रजिस्ट्री शुरू करने जा रही है। इसके लिए सागर में उप-पंजीयकों को जरूरी ई-वर्किंग ट्रेनिंग भी दे दी गई है। रजिस्ट्रार ऑफिस के मुताबिक ई-पंजीयन शुरू होने के बाद लोगों को बहुत राहत मिलेगी। विभाग की कार्यप्रणाली भी काफी हद तक पारदर्शी हो जाएगी।
खरीदार-बेचवारखुद निकाल सकेंगे संपत्ति की सरकारी कीमत : वर्तमानरजिस्ट्री प्रक्रिया की सबसे बड़ी समस्या यह है कि बेचवार को अपनी संपत्ति की बाजार की गाइडलाइन के अनुसार कीमत निकालते नहीं बनती है। उन्हें यह भी पता नहीं होता कि संपत्ति की खरीदी करने वाले को कितनी स्टांप ड्यूटी देना होगी। उनकी इस मजबूरी का फायदा रजिस्ट्री ऑफिस के