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63 वाहनों की जांच, 13 की फिटनेस निरस्त

7 वर्ष पहले
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सागर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परिवहन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से बुधवार को सिविल लाइंस में डीजल पेट्रोल से चलने वाले वाहनों में प्रदूषण की जांच की। डीजल वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा 65 एचएसयू (हार्ड स्मोक पर यूनिट) से काफी ज्यादा निकली, जो कि पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। कुछ बस, जीप चैंपियन में कार्बन मोनो ऑक्साइड 100 एचएसयू तक पाई गई। पेट्रोल वाहनों में निर्धारित मापदंड के मुकाबले आंशिक अंतर पाया गया।
63वाहनों की जांच, 13 डीजल वाहनों के परमिट निरस्त : आरटीओ डॉ. एमपी सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य रसायनिक डॉ. राजेश जैन कनिष्ठ वैज्ञानिक संजय जैन टीम के साथ बुधवार दोपहर सिविल लाइंस पहुंचे। यहां से गुजरने वाले बस, जीप, चैंपियन डीजल वाहन तथा कार, ऑटो, बाइक आदि पेट्रोल वाहन रोककर प्रदूषण की जांच की।
आरटी डॉ. सिंह ने बताया कि कुल 63 वाहन चैक किए गए। इनमें बस, चैंपियन, जीप सहित 13 वाहनों में निर्धारित मात्रा से ज्यादा कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस पाए जाने पर उनके फिटनेस निरस्त किए गए हैं। इन वाहनों को जांच के बाद परमिट दिए जाएंगे।
मुख्य रसायनिक डॉ. जैन ने बताया कि डीजल वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा 80 से 100 तक निकली, जबकि पेट्रोल वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा में कुछ ही अंतर पाया गया। कार्बन मोनो ऑक्साइड, हाइड्रो कार्बन से ज्यादा घातक है। यह एक अस्थाई गैस है। वातावरण में इसकी मात्रा बढ़ने से घुटन होने लगती है।
इन यंत्रों से होती हैं जांच
- डीजलवाहन- स्मोक मीटर
- पेट्रोल वाहन- सीओ एक्स-सी एनालाइजर

यह है धुंए में गैस का मापदंड: पेट्रोलवाहन - निर्धारित मापदंड के अनुसार 31मार्च 2000 के पहले तक के दोपहिया तिपहिया पेट्रोल वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड 4.5, हाइड्रो कार्बन 9000 तथा वर्ष 2000 के बाद के वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड 3.5 हाइड्रो कार्बन 6000, चार पहिया पेट्रोल वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड 3.0, हाइड्रो कार्बन 1500 होना चाहिए।
यह है धुंए में गैस का मापदंड
- डीजल वाहन- सभी तरह के डीजल से चलने वाले वाहनों के धुएं में कार्बन मोनो ऑक्साइड 65 एचएसयू होना चाहिए।
- पेट्रोल वाहन - निर्धारित मापदंड के अनुसार 31मार्च 2000 के पहले तक के दोपहिया तिपहिया पेट्रोल वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड 4.5, हाइड्रो कार्बन 9000 तथा वर्ष 2000 के बाद के वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड 3.5 हाइड्रो कार्बन 6000, चार पहिया पेट्रोल वाहनों में कार्बन मोनो ऑक्साइड 3.0, हाइड्रो कार्बन 1500 होना चाहिए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परिवहन विभाग ने की पेट्रोल डीजल वाहनों में प्रदूषण की जांच

(सागर में परिवहन विभाग की टीम ने सवारी वाहनों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण की जांच की। )