सागर। देवरी ब्लॉक के डेंगू प्रभावित गांवों में लगातार इस मर्ज के रोगी सामने रहे हैं। जिला अस्पताल में ब्लॉक के 7 मरीजों के ब्लड सैंपल टेस्ट के लिए लगाए गए थे। इसमें से 5 को डेंगू निकला है। डेंगू प्रभावित खकरिया गांव सहित समनापुर शाहजू एवं जमुनिया पंडित गांव के 7 मरीजों को बुखार की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संदेह के आधार पर इनके सैंपल लेकर मैक एलाइजा किट से टेस्ट लगाए गए थे। शनिवार को 5 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें जमुनिया पंडित निवासी ढाई साल की गौरी, चार साल की नीता यादव समनापुर निवासी पुष्पेंद्र सहित कुल पांच लोगों को डेंगू निकला है।
कार्डटेस्ट में दो पॉजिटिव आए थे : जिनमरीजों के शनिवार को मैक एलाइजा किट से टेस्ट लगाए गए थे। इनमें से कुछ लोगों की पहले रैपिड किट से जांच की गई थी। इनमें दो को डेंगू पॉजिटिव निकला था। बाकी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इस संबंध में प्रभारी सीएमएचओ डॉ. आरसी जैन का कहना है कि जिला अस्पताल में दो मरीज तो पहले ही डेंगू पॉजिटिव आए थे। शनिवार को तीन और नए मरीजों को मैक एलाइजा किट से डेंगू पॉजिटिव निकला है।
डेंगू कंट्रोल में नाकाम स्वास्थ्य विभाग: देवरी ब्लॉक में डेंगू को कंट्रोल करने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हुआ है। डेंगू के मरीज सामने आते ही हर बार ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक के अफसर लार्वा सर्वे कराने और छिड़काव के दावे करते रहे हैं। बावजूद इसके नए केस सामने आना अधिकारियों और मैदानी स्तर पर लापरवाही उजागर कर रहा है। यही नहीं अफसर डेंगू से मौतें और डेंगू पॉजिटिव मामलों को कम से कम बताने का प्रयास कर रहे है।
6 मौतें, 90 से ज्यादा को डेंगू निकला : जिले में 8 जुलाई को डेंगू का पहला मामला देवरी ब्लॉक के भर्रई उप स्वास्थ्य केंद्र के सर्रा गांव में सामने आया था। इसके बाद तो एक के बाद एक दर्जनों मामले सामने गए। महाराजपुर सब सेंटर के खकरिया, सिमरिया, समनापुर, समनापुर शाहजू , रीछई, सगरा, केसली के जमुनिया, देवरी शहरी क्षेत्र सहित आसपास के गांवों तथा जिले के मालथौन ब्लॉक के पलेथनी, खुरई के धनौरा, खुरई शहर, सागर के गोपालगंज, मकरोनिया, नरयावली के भापेल गांव के अलावा जिले के अन्य हिस्सों से ढाई महीने में करीब 95 डेंगू के मामले सामने चुके हैं। इस दौरान 6 लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है।
पीड़ित देवरी ब्लॉक के खकरिया, समनापुर शाहजू और जमुनिया पंडित गांव के रहने वाले, ब्लॉक में ढाई महीने बाद भी नहीं हो सका डेंगू कंट्रोल।