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पैसे मांगने पर चार कियोस्क सेंटरों पर कार्रवाई

7 वर्ष पहले
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सागर। एसबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय ने चार और कियोस्क संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन संचालकों पर प्रधानमंत्री जन धन योजना सहित अन्य खाते खोलने में लापरवाही बरतने की शिकायतें मिली थीं। क्षेत्रीय कार्यालय ने इन चारों सेंटर पर नए खाते खोलने की रोक लगा दी है। इससे पहले शहर के राधा तिराहा स्थित एक और कियोस्क सेंटर पर इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है। उससे भी नए खाते खोलने के अधिकार छीने जा चुके हैं।
काम में आनाकानी, पैसे की मांग करते थे : एसबीआईसूत्रों के मुताबिक यह चारों कियोस्क संचालक आंगनवाड़ी, स्कूली बच्चों के खाते, सामाजिक सुरक्षा खातेदारों के पेंशन खाते खोलने में आनाकानी और पैसों की मांग करते थे। इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। इसके बाद इनके विरुद्ध यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई की चपेट में आने वाले सेंटर्स में शहर के तिली गांव स्थित उदयभान सिंह ठाकुर, चमेलीचौक पर सविता ठाकुर, ढाना गांव का गोकुल सिंह ठाकुर एवं छापरी गांव के रीतेश तिवारी का सेंटर शामिल है।

अन्य सेंटर्स को चेतावनी दी : क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ वित्तीय समायोजन डेस्क प्रबंधक डीडी कारीगर के अनुसार जिले के 100 से ज्यादा कियोस्क संचालकों को चेतावनी दी गई है। कहा गया है कि किसी भी शून्य बैलेंस वाले खाते के लिए नागरिकों से राशि नहीं ली जाए। प्रधानमंत्री जन धन योजना में उन व्यक्तियों के खाते खोलने में प्राथमिकता बरती जाए जिनका किसी भी बैंक में खाता नहीं है। उन्होंने कहा कि कियोस्क संचालक शून्य बैलेंस वाले खाते खोलने में आनाकानी या पैसे की मांग करें तो नजदीकी एसबीआई शाखा या क्षेत्रीय कार्यालय में लिखित शिकायत करें।

जानकारी की कमी बनी सबकी परेशानी : कियोस्क संचालकों की मनमानी के अलावा प्रधानमंत्री जन धन योजना की जानकारी का अभाव भी परेशानियां पैदा कर रहा है। योजना का मजदूर, छोटे व्यवसायी के बीच सही ढंग से प्रचार-प्रसार नहीं किए जाने के कारण यह लोग पहले से बैंक खाता होने के बावजूद दोबारा खाता खुलवा रहे हैं। बैंकर्स का कहना है कि इससे खातों की डुप्लीकेसी हो रही है। हालांकि यह खाते आधार कार्ड से लिंक होने के बाद दोहराव खत्म हो जाएगा। लोग 1 लाख रुपए के दुर्घटना बीमा को सरकार की ओर से मिलने वाला धन या खाते का बोनस समझ रहे हैं। इसके चलते लोगों में खाता खुलवाने की होड़ लगी है। वास्तविकता यह है कि यह राशि केवल परिवार के मुखिया या कामकाजी व्यक्ति की मृत्यु के बाद बीमा के तहत मिलेगी। इस बारे में जिले के नोडल बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम एसके सक्सेना का कहना है कि ऊपर बताई गई समस्याएं सही है लेकिन अब हम लोगों ने घर-घर सर्वे शुरू करा दिया है। इसके बाद केवल पात्र व्यक्तियों के ही खाते खोले जाएंगे। जिनके पहले से खाते हैं, उन्हें आधार कार्ड से लिंक कर योजना से जोड़ दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री जन धन योजना :चारों से नए खाते खोलने के अधिकार छीने, बाकी को चेताया ।

(भास्कर इम्पैक्ट : 9 सितंबर 2014 को प्रकाशित खबर।)