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लोकसभा में सांसद हिंदी में बोलें : स्वामी संतुष्टानंद
सिनेमा ने हिंदी के लिए जो किया, वह हजारों ग्रंथ नहीं कर पाए
डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के हिंदी प्रकोष्ठ द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को संगोष्ठी हुई। कुलपति प्रो. आरएस कसाना ने कहा कि तमाम रिश्तों में बड़ी है मां और मां से भी बड़ी है मातृभाषा। क्योंकि हम अपनी मातृ-भाषा में ही पहली बार मां को मां कह कर पुकारते हैं। उन्होंने कहा कि भाषिक संपदा और संवेदना के लिहाज से भी हिंदी सम्पन्न भाषा है। मुख्य अतिथि प्रख्यात सिने विश्लेषक और आलोचक प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि एक अच्छी फिल्म भाषा, साहित्य, संगीत और चित्रकला सहित सभी विधाओं का सहयोग लेती है। इन सबको इनके सर्वोत्तम स्वरूप में पुन: लौटा देती है। हिन्दी सिनेमा ने समस्त भारत में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार में जो कार्य किया है, वह कार्य हजारों ग्रंथ नहीं कर पाए। हिन्दी विभाग की अध्यक्ष प्रो. चंदा बेन ने कहा कि हिंदी हमारे ख्यालों और संवेदनाओं को पूर्णता के साथ व्यक्त करने वाली भाषा है। हिंदी अधिकारी डॉ. छबिल कुमार मेहेर ने कहा कि विश्वविद्यालय का राजभाषा प्रकोष्ठ हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर क्रियाशील और समर्पित है। इस अवसर पर कर्मचारियों के लिए हुई प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को कुलपति ने नकद राशि, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह दिए। विजेताओं में मनोज कावड़े, अख्तर हुसैन, दीपक मिश्रा, मंजु जैन, सनत कुमार सोनी शामिल हैं। इस मौके पर डॉ. पंकज चतुर्वेदी, हिमांशु यादव, प्रो. जेके जैन, प्रो. डी.सी. अत्री, प्रो. एसएन लिमये, डॉ. नागेश दुबे, उप कुलसचिव संतोष सोहगौरा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक मौजूद थे। संचालन अभिषेक सक्सेना ने किया।
सागर. विश्वविद्यालय के िहंदी िवभाग में संगोष्ठी में मौजूद छात्र-छात्राएं।
नगर संवाददाता ¿सागर
हिंदूसंस्कृति रक्षा मंच एवं शिवसेना का हिंदी बचाओ अभियान के तहत सोमवार को नमकमंडी में उपवास एवं धरना कार्यक्रम हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में मंच के संयोजक स्वामी संतुष्टानंद ने कहा कि लोकसभा में सांसदों को हिंदी में संवाद करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट में भी हिंदी भाषा को प्राथमिकता देना चाहिए। शिवसेना जिला प्रमुख पप्पू तिवारी ने सरकारी दफ्तरों में हिंदी को अनिवार्य किए जाने की मांग की। इस अवसर पर कृष्णवीर सिंह ठाकु