सागर। सिविल लाइंस की इंद्रानगर कॉलोनी में मंगलवार की शाम सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण किचिन में आग भभक उठी। आग की लपटें इतनी तीव्र थी कि छत का प्लास्टर तक उखड़ गया था। घर की बिजली के तार गृहस्थी का सामान जल गया। निगम की फायर लॉरी समय रहते मौके पर पहुंच गई, जिससे आग पर काबू पा लिया गया था।
गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार अपेक्स बैंक में पदस्थ इंद्रा कॉलोनी निवासी लक्ष्मी तिवारी की पत्नी किचिन में खाना बना रही थीं। गैस खत्म होने के बाद उन्होंने शाम करीब 7 बजे जैसे ही दूसरा सिलेंडर लगाकर रेग्युलेटर चालू किया। सरसराहट के साथ आग लग गई। वे घबराकर बाहर गई। कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।
पड़ोसी शिक्षक जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि लोगों ने पानी रेत डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसी बीच फायर लॉरी भी गई। जिस सिलेंडर से गैस लीक हुई वह इंडेन कंपनी का था। उसे किचिन से निकालकर बाहर रख दिया गया था।
जिला अस्पताल में हादसा टला : रसोईघर में सिलेंडर के पाइप में सुलगी आग
सागर | जिला अस्पताल के रसोईघर में सुबह करीब 11 बजे खाना बनाने के दौरान एलपीजी गैस सिलेंडर की पाइप में गैस लीकेज के कारण आग लग गई। हालांकि चंद मिनटों में ही कर्मचारियों ने आग बुझा ली। यहां दो दफा गैस रिसाव की स्थिति बनी थी।
सुबह करीब 11 बजे अस्पताल में मरीजों के लिए खाना बनाने के दौरान एक रसोई गैस सिलेंडर की रबर पाइप प्रेशर बढ़ने के कारण निकल गई। गैस रिसाव से उसमें आग लग गई। घटना के बाद किचिन में खाना बना रही महिलाओं में भगदड़ मच गई।
हालांकि मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने मिट्टी रेत डालकर चंद सेकंड में आग पर काबू पा लिया। दोपहर करीब दो बजे एक बार फिर उसी सिलेंडर का रेग्युलेटर तेज आवाज के साथ निकल गया। हालांकि खाना बना रही महिलाओं ने तुरंत गैस चूल्हे बंद कर दिए इसलिए हादसा टल गया।
इस दौरान एक महिला कर्मचारी ने अस्पताल पुलिस चौकी को आग लगने की सूचना दी। पुलिस ने फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी। चंद मिनटों बाद अस्पताल में फायर लॉरी पहुंच गई।
आग बुझाने के इंतजाम नहीं : जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में सरसोईघर में आग पर काबू पाने के लिए फायर इस्टिंगिस्टर (सिलेंडर), रेत से भरी बाल्टी जैसी कोई भी व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल प्रबंधन की यह अनदेखी और लापरवाही कभी भी मरीजों की जान को खतरे में डाल सकती है।