कथामृत सुधामृत से भी श्रेष्ठ : शास्त्री
कथामृत,सुधामृत से भी श्रेष्ठ है, क्योंकि सुधामृत सीमित है। एक घड़े में भरा हुआ रखा है। कथामृत समुद्र के समान असीम है। धर्मशास्त्रों में भरा हुआ है। लेकिन पात्रता का अभाव होने पर देवताओं को भी कथामृत का लाभ नहीं मिल सका, क्योंकि भागवत कथा श्रवण का लाभ उसे मिलेगा जो श्रद्धा भक्ति का पात्र लेकर आएगा। यह बात खेल परिसर के बाजू वाले मैदान में श्रीमद भागवत कथा महोत्सव के पहले दिन बुधवार को कथा वाचक डॉ. श्याम सुंदर पाराशर शास्त्री वृंदावन ने कही। उन्होंने कहा कि इसीलिए श्रीमद भागवत देव दुर्लभ है। इसके श्रवण से भक्ति के पुत्र ज्ञान वैराग्य को स्वास्थ्य लाभ हुआ। इससे पहले शोभायात्रा निकली। इसमें चल रहे रथ में कथा व्यास डॉ. श्याम सुंदर पाराशर, महंत श्रीरामश्रय दास, श्रीराम सेवक दास एवं कथा व्यास मणिराम दास अयोध्या बैठे थे। शोभायात्रा में दुर्गाप्रसाद मिश्रा, गोविंद चौबे, सीताराम कटारे, शिवकुमार गौतम, पीडी श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, चंद्रभान तिवारी, रघु केशरवानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा रोजाना दोपहर 12 से 4 बजे तक चल रही है।