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गंगा, गायत्री, गीता और गुरु का सम्मान करो

7 वर्ष पहले
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गायत्रीपरिवार के तत्वावधान में जेल परिसर के बाजू वाले मैदान में चल रहे चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति बुधवार को हुई। इस यज्ञ के माध्यम से शांतिकुंज हरिद्वार से आए गुरुदेव के प्रतिनिधि पंडित प्रदीप अवस्थी ने यज्ञ करने वालों से आग्रह किया कि गंगा अर्थात शुचिता पवित्रता अपने खानपान एवं आचरण में उतरनी चाहिए। गायत्री अर्थात- ‘सदबुद्धि’ सबके जीवन की कठिनाइयों एवं दुखों का एकमात्र समाधान है। गीता अर्थात शानदार मानवीय गुणों से ओतप्रोत जीवन जीने एवं मरने की कला, गुरू अर्थात भारीपन, गंभीरता शालीनता एवं सभ्यतापूर्ण जीवन जीते हुए सत्कर्म, सदविवेक एवं सद्ज्ञान को आचरण में उतारकर दिखा देने की विद्या। गौ अर्थात ‘त्याग की प्रतिमूर्ति’ जिसका दूध, दही, घी, गौमूत्र, गोबर से लेकर उसकी चमड़ी एवं अस्थियां तक मानव के लिए उपयोगी हैं। जन्म देने वाली माता के बाद मनुष्य मात्र की केवल दो ही ऐसी प्रत्यक्ष माताएं हैं जो मानव मात्र के भरण-पोषण का उत्तरदायित्व निभाती हैं। एक गौ माता दूसरी धरती माता। इस तरह, गंगा, गायत्री, गीता, गुरू एवं गौ प्रत्येक घर में स्थापित होना, उनका काम लेना, मानव मात्र का परमधर्म है। यज्ञ स्थल पर शासकीय आयुष अस्पताल द्वारा डॉ. महेंद्र व्यास के नेतृत्व में लगे चिकित्सा शिविर में दो दिन के दौरान 350 मरीजों ने निशुल्क परामर्श एवं औषधी प्राप्त की। पूर्णाहुति के मौके पर केंद्रीय जेल के अधिकारियों सहित समाजसेवी डॉ. एनपी शर्मा, स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. अजय तिवारी, कुलपति डॉ. अनिल तिवारी, आरएसएस के संभागीय प्रचारक उमेश, रवींद्र वर्मा सहित गायत्री परिवार के युवा मंडल के सदस्यों एवं वरिष्ठ परिजनों सहित नवनिर्वाचित महापौर अभय दरे आदि मौजूद थे।

इनबहुउपयोगी सूत्रों पर चलें : इनपंच आधार स्तंभों की व्याख्या के बाद समस्त परिजनों से समाज एवं राष्ट्र की सेवा करने एवं उसे नैतिक आध्यात्मिक मार्ग पर चलाने के लिए, बहुत उपयोगी सूत्र दिए उनमें प्रथम हैं - नित्य अपने इष्ट मंत्र या सदबुद्धि देने वाले गायत्री मंत्र की अपने परिवार सहित चौबीस घंटे में शाम के सात बजे कम से कम एक बार पांच मिनट की सामूहिक उपासना कर सबके लिए सद्बुद्धि एवं सबके उज्जवल भविष्य की प्रार्थना अवश्य किया करें। इससे परिवारों के संकट दुख भागते रहेंगे। दूसरा, प्रत्येक परिवार में नियमित एक मुट्ठ