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कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशीलता, विश्वविद्यालय में प्रदर्शन

7 वर्ष पहले
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कर्मचारी संघ ने कुलपति को दिए ज्ञापन में लगाए आरोप, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

नगरसंवाददाता | सागर

डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारी की मेडिकल एडवांस नहीं मिलने से इलाज के अभाव में मौत से गुस्साए कर्मचारियों ने सोमवार को विश्वविद्यालय मेन ऑफिस में कुलसचिव कार्यालय में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने संघ अध्यक्ष संदीप वाल्मीकि के नेतृत्व में कुलसचिव एवं अन्य अधिकारियों को उनकी लापरवाही के लिए दोषी ठहराया। इसके बाद कुलपति के नाम ज्ञापन कुलपति कार्यालय में दिया। इसमें कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में भृत्य के पद पर कार्यरत श्याम किशन नेपाली की मौत समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण हुई है। श्याम किशन ने मेडिकल एडवांस के लिए आवेदन 4 सितंबर को कुलसचिव को दिया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पैसों के अभाव में जबलपुर में डॉक्टर ने उसका इलाज करने से इंकार कर दिया, वापस सागर लौटने पर उनकी मौत हो गई। विश्वविद्यालय द्वारा समय पर पैसों का भुगतान नहीं करने के कारण ऐसा हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि इस लापरवाही के लिए कुलसचिव अनूप केशवदेव पुजारी एवं उनके कार्यालय के सहायक कुलसचिव संजीव जैन्थ जिम्मेदार हैं। इन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाए कि सहायक कुलसचिव संजीव जैन्थ के बंगले पर मेडिकल एडवांस की 102 फाइलें रखी हुई हैं। इससे पहले मेन ऑफिस के सामने शोक सभा हुई। इसमें उपाध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव, डॉ. पीके श्रीवास्त, राजेश बोहरे, बहादुर यादव, डॉ. केके राव, श्रीकांत शुक्ला, संतोष तिवारी, निरंजन पाठक सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

सभी फाइलों के भुगतान कर दिए हैं

Ãमेडिकलएडवांस के जितने भी आवेदन आए थे, उन सभी के भुगतान कर दिए गए हैं। मैंने सोमवार को सभी फाइलें देखकर सभी का निराकरण कर दिया था। अब कोई भी प्रकरण शेष नहीं है। -अनूप केशवदेव पुजारी, कुलसचिवसागर विवि