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नो-एंट्री में एंट्री मिलने की आस में आईजी से मिले ईंट व्यवसायी

7 वर्ष पहले
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नो-एंट्रीमें वाहनों को प्रवेश की छूट देने पर अड़े शहर के ईंट व्यवसायी सोमवार को आईजी पंकज श्रीवास्तव से मिले। वाहनों से ईंट ढोने के लिए शहर के आउटर के कुछ वैकल्पिक मार्ग भी उन्हें सुझाए गए हैं। जिस पर आईजी ने दो-तीन दिन में निर्णय लेने की बात कही। उधर ईंट की बिक्री बंद होने से शहर में चल रहे निर्माण कार्यों पर असर दिखाई देने लगा है। स्टॉक में रखी ईंट खत्म होने के बाद लोगों ने काम बंद कर दिया है। वे अब हड़ताल समाप्त होने की राह तक रहे हैं।

हड़ताल के तीसरे दिन सोमवार दोपहर 12 बजे ईंट व्यवसायी आईजी ऑफिस पहुंचे। नवयुवक मालवी प्रजापति समाज संघ के कैलाश प्रजापति ने बताया कि हम लोगों ने नई गल्ला मंडी से भगवानगंज, शनिदेव मंदिर से होते हुए मकरोनिया तथा रेलवे ओवरब्रिज से होते हुए मोतीनगर धर्मश्री से तिली रोड से वाहनों को प्रवेश देने की मांग की थी। ये दोनों रोड नो-एंट्री जोन में आते हैं, जिस पर अधिकारी राजी नहीं हैं। आईजी को जो वैकल्पिक मार्ग बताए गए हैं उनमें भैंसा होते हुए शनिदेव मंदिर वाले मार्ग से मकरोनिया तरफ तथा भोपाल वायपास से धर्मश्री, कनेरा होते हुए तिली मार्ग से आवागमन की छूट देने की मांग की गई है। ईंट व्यवसायियों ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जा रही चालानी कार्रवाई का विरोध करते हुए आईजी से वाहन कागजात में कमियों के आधार पर फार्मेट बनाने की मांग की। जब तक मांगे नहीं मानी जाती हड़ताल जारी रहेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में विनोद प्रजापति, राजू, प्रेमनारायण, अशोक प्रजापति, भगवती प्रजापति, प्रेमनारायण, रामदयाल, मुकेश, गोविंद, दीपक, जुगल, प्रीतम, मनोज, बलराम, भरत, पप्पू प्रजापति, हरीश सोनकर, महेश सोनकर शामिल थे।

सागर। नो-एंट्री में वाहनों को प्रवेश की छूट देने की मांग को लेकर ईंट व्यवसायियों ने आईजी को ज्ञापन सौंपा।