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मध्याह्न भोजन व्यवस्था केंद्रीयकृत एजेंसी को देने की तैयारी

6 वर्ष पहले
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टेंडर बुलाए, अभी 48 समूह कर रहे हैं काम

सिटीरिपोर्टर | सागर

शहरके सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था किसी एक एनजीओ या एजेंसी से कराए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए प्रशासन की ओर से टेंडर निकालकर एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। शहर में अभी यह काम 48 स्व-सहायता समूह कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो साल पहले भी यह प्रस्ताव आया था। तब शहर की मध्यान्ह भोजन व्यवस्था नंदी फाउंडेशन नाम के एक एनजीओ को देने का प्रस्ताव था, लेकिन समूहों और नेताओं के विरोध के कारण प्रस्ताव टाल दिया गया था। नगर निगम सागर इस कार्य की मॉनीटरिंग एजेंसी है। कार्यालय कलेक्टर की ओर से जारी टेंडर में उल्लेख है कि शहर के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन प्रदान करने के लिए अभिव्यक्ति की रुचि के आधार पर चयन किया जाना है। आवेदन राशि के लिए नहीं बल्कि केपेबिलिटी के निर्धारण के लिए हैं। इसके लिए मशीनीकृत केंद्रीयकृत किचिन केंद्र के संचालन के लिए संस्थाओं, समूहों और समितियों से 10 मार्च तक जिला पंचायत में आवेदन जमा करने को कहा गया है।

क्याआएगा बदलाव: यदिनई व्यवस्था लागू हो जाती है तो शहर के स्कूलों में बांटा जाने वाला मध्यान्ह भोजन एक ही जगह पर बड़े किचिन में बनाया जाएगा और वहीं से सभी स्कूलों में खाना वितरित होगा। अभी चूंकि अलग-अलग समूह काम कर रहे हैं इसलिए वे अपने स्तर पर खाना तैयार करवाकर स्कूलों में वितरित करवा रहे हैं। इसमें सभी की क्वालिटी अलग-अलग होती है। एक ही जगह पर भोजन तैयार होने से पूरे शहर में एक जैसी क्वालिटी का मध्यान्ह भोजन वितरित होने लगेगा। वैसे अभी कागजों में यह समूह महिलाएं संचालित कर रहीं हैं लेकिन वास्तव में समूह राजनैतिक वरदहस्त वाले ठेकेदार ही चला रहे हैं।

विरोध शुरू, कई के बेरोजगार होने की आशंका

स्व-सहायता-समूहोंने एक ही एजेंसी को काम दिए जाने के फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कमिश्नर-कलेक्टर को ज्ञापन देकर केंद्रीयकृत एजेंसी से काम करवाए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया। ज्ञापन में बताया गया है कि करीब 50 महिला समूह के माध्यम से गरीब परिवार की 500 महिलाएं स्व रोजगार में लगीं है। इसके अलावा इस कार्य में सब्जी बेचने, किराना वाले और परिवहन वालों सहित अन्य लोगों को रोजगार मिला है। मध्यान्ह भोजन का कार्य केंद्रीयकृत एजेंसी को दिए जाने से इन सभी का रोजगार छिन जाएगा। इस कारण जिला प्रशासन को मध्यान्ह भोजन का कार्य केंद्रीयकृत एजेंसी को देकर स्व सहायता समूहों से कार्य करवाने की व्यवस्था जारी रखी जाए।

आंकड़ों पर एक नजर

स्कूल-66प्राथमिक, 37 माध्यमिक

छात्र-छात्रासंख्या- 9685प्राथमिक, 6644 माध्यमिक

सरकारीभुगतान का रेट- 3.59रुपए प्रति छात्र प्राथमिक

5.38 रुपए प्रति छात्र माध्यमिक

समूहों को सरकार की ओर से गेहूं फ्री उपलब्ध कराया जाता है।

^शासन की नीति के तहत मध्यान्ह भोजन प्रदाय करने का विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। अभी संस्थाओं के आवेदन आने दीजिए उनका हर स्तर पर परीक्षण होगा। यदि कोई बेहतर संस्था आएगी। तभी इस दिशा में आगे कार्रवाई होगी। निर्णय लेने के पहले स्व-सहायता समूहों की बात को भी ध्यान में रखा जाएगा। -अशोक कुमार सिंह, कलेक्टर,सागर