पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • भीड़ तो बहुत जुटी लेकिन पांच आवेदनों पर हो पाई कार्रवाई

भीड़ तो बहुत जुटी लेकिन पांच आवेदनों पर हो पाई कार्रवाई

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिटीरिपोर्टर | सागर

कर्मचारीभविष्य निधि उपक्षेत्रीय कार्यालय में मंगलवार को लगी सिर्फ दो घंटे की लोक अदालत में भीड़ तो बहुत थी लेकिन सिर्फ 5 लोगों के आवेदन ही दर्शाए गए। जिन पांच के आवेदनों पर कार्रवाई हुई। इनमें दमोह निवासी संतोष कुमार, सागर निवासी वशीर खान, वीरेंद्र कुमार, छोटेलाल लोधी और बिहारी पटेल शामिल हैं।

बिहारी पटेल ने लंबे समय से अटके फाइनल पेमेंट के लिए आवेदन दिया। शेष चारों आवेदन पेंशन से जुड़े थे। वहीं खुरई से आई सहकारी बैंक की कर्मचारी शशि सेन की पीपीओ नंबर संबंधी गड़बड़ी दुरुस्त की गई। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की पीआरआे रीता त्रिपाठी ने बताया अदालत हर महीने दूसरे सप्ताह 10 तारीख को लगती है। अदालत के बारे में सिर्फ अखबार के माध्यम से लोगों को सूचित करते हैं, लेकिन यह सच है कि इस अदालत में लोगों की उपस्थिति कम रहती है। हर बार अदालत में औसतन 5 से 7 प्रकरण सुलझ पाते हैं। इस अदालत का आयोजन सागर के अलावा दमोह, टीकमगढ़ आैर छतरपुर के कर्मचारियों के क्लेम मामलों के निराकरण के मकसद से किया जा रहा है।

केस 1 : 10 दिन बाद बुलाया है

लोकअदालत में शिकायत लेकर आए पटेरा के कोमल अहिरवार ने बताया कि रामनाथ परभुदास किशोरदास टोबेको प्रोडक्ट बीड़ी कंपनी में मजदूर थे। उनका निधन हो चुका है। उनके फंड का पैसा उनकी प|ी श्यामरानी को मिलना है। पिछले पांच साल से फंड अटका हुआ है। पहली शिकायत 2011 में की थी। कुछ नहीं हुआ तो दूसरी शिकायत लेकर लोक अदालत में ही 2013 में आया था। तीसरी बार यहां आया हूं। हर बार कह देते हैं हमने मामले के कागज कंपनी को भेज दिए हैं। कंपनी से पूछो तो बताया जाता है कि उन्होंने दस्तावेज सागर भेज दिए हैं। मामला निपट नहीं पा रहा है। अब अधिकारियों ने दस दिन बाद आने को कहा है।

केस2 : नया फाॅर्म जमा करो

मौलीगांव से आए रामकुमार ने बताया कि वे घड़ी साबुन कंपनी में काम करते हैं। पिछली बार बड़ी मुश्किल से फंड का पैसा निकला था। अब फंड फिर से कट रहा है, लेकिन खाते में पैसे का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। 22 जनवरी को नया फॉर्म जमा किया था। अधिकारियों को समस्या बताई तो उनका जवाब है कि नया फॉर्म भरना पड़ेगा। पुराना अकाउंट नंबर एक्सपायर हो गया है।