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मेयर पार्षदों के नाम गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजे

7 वर्ष पहले
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सागर। नगरनिगम निकाय चुनाव में भाजपा का टिकट नहीं मिलने के बावजूद निर्दलीय चुनाव जीतने वाले नेताओं की पार्टी में वापसी आसान बताई जा रही है। सभी बागियों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निलंबित किया गया था, लेकिन बागियों में से कई ने चुनाव में फतह हासिल कर पार्टी के समक्ष अपना राजनैतिक वजूद साबित किया है।
भाजपा नेतृत्व भी इन सभी की वापसी में कोई अड़ंगा नहीं लगाएगा। भाजपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी का सदस्यता अभियान जारी है। यदि अभियान में ही ये बागी फिर से भाजपा की सदस्यता ले लेते हैं तो प्राथमिक सदस्य के तौर पर ही उनकी भाजपा में वापसी हो जाएगी।

बगावत कर ये नेता जीते हैं निकाय चुनाव में : भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर बगावत करके निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़कर जिन नेताओं ने जीत हासिल की है। उनमें देवरी नगर पालिका अध्यक्ष पद पर जीते मयंक चौरसिया, सागर निगम के वार्ड पार्षदों में मोहन नगर से श्रीमती कंचन गुप्ता, केशवगंज से श्रीमती सरोज साहू, डॉ. गौर वार्ड से अनामिका चौबे, सुभाषनगर से माला अहिरवार, नरयावली नाका से सोमेश जड़िया एवं अंबेडकर वार्ड से डेलन-सिंह चौधरी प्रमुख हैं। इसके अलावा जिले के निकायों में भी कुछ पार्षद भाजपा से बगावत कर निर्दलीय के रूप में जीतकर आए हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष जाहर-सिंह ने बताया कि यह सभी पार्टी विचारधारा के ही लोग हैं, लेकिन इनकी वापसी के लिए पार्टी फोरम पर चर्चा होगी। उसके बाद ही पार्टी में एंट्री होगी। नगर निगम में भाजपा के 27 पार्षद जीते हैं। यदि इन 6 पार्षदों को शामिल कर लिया गया तो निगम में भाजपा के 33 पार्षद हो जाएंगे। इसके अलावा 3 निर्दलीय भी भाजपा के संपर्क में हैं। इस तरह से निगम में भाजपा के 36 पार्षद हो सकते हैं। पिछली परिषद में भी भाजपा पार्षदों की संख्या निर्दलीयों के शामिल होने के बाद लगभग इतनी ही हो गई थी।
मेयर पार्षदों के नाम गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजे
सागर | नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर और 48 वार्ड पार्षदों के नाम गजट नोटिफिकेशन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिए गए हैं। इसी हफ्ते में प्रकाशन की उम्मीद है। इसके बाद ही शपथ, एमआईसी के गठन और अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि निगम एक्ट में प्रावधान है कि चुने गए मेयर पार्षदों के नोटिफिकेशन की तारीख से 15 दिन के अंदर परिषद का प्रथम सम्मेलन बुलाना होगा। कलेक्टर की अध्यक्षता में होने वाले सम्मेलन में अध्यक्ष पद के लिए पार्षद वोटिंग करेंगे। मेयर पार्षदों के नाम गजट नोटिफिकेशन के लिए 6 दिसंबर को भेज दिए गए थे। उधर, एमआईसी सदस्यों के लिए आवंटित जिन कक्षों में इंजीनियर बैठ रहे हैं, उन्हें खाली करने को कहा गया है। संबंधित ईई को लिखे पत्र में इन कक्षों की पुताई, कारपेट बिछाने का काम होना बताया गया है।
एमआईसीमें जगह पाने की जुगत में पार्षद : मेयरइन काउंसिल में जगह पाने के लिए पार्षदों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। नए मेयर विधायक से लेकर मंत्री तक से पार्षद लाॅबिंग कर रहे हैं। नए मेयर के साथ एमआईसी में भी ज्यादातर नए चेहरे होंगे, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं।
अभियान के दौरान ले सकते हैं सदस्यता ।