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सीसीटीवी कैमरों से पकड़े गए कई अारोपी

7 वर्ष पहले
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सागर। वारदातों को ट्रेस करने में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए मददगार साबित हाे रहे हैं। रजाखेड़ी में बच्ची के अपहरण ज्यादती का मामला हो या फिर कार सवार बदमाशों द्वारा सरेराह युवती से छेड़खानी का। सड़क से आते-जाते हर शख्स और वाहनों पर नजर है इनकी। फुटेज से पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने की दिशा मिल रही है। ये बात और है कि कुछ में सफलता देर से मिल पाती है। फुटेज से पता चलता है कि अपराधी किस तरफ भागा। उसके हुलिया से आयु, रहन-सहन और कई तरह के सुराग मिल रहे हैं।
पुलिस अधिकारी भी सीसीटीवी फुटेज की अहमियत को समझते हुए बैंक, होटल, दुकान और मकानों में कैमरे लगाने पर जोर दे रहे हैं।
नगर निगम, कमिश्नर,कलेक्टर, एसपी ऑफिस, जेल, कैंट बोर्ड आफिस आदि सरकारी विभागों के अलावा बैंक, होटल, दुकान और मकानों भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने लगे हैं। घर- दफ्तर के बाद जब आप सड़क पर होंगे तब भी कैमरे की नजर से नहीं बच पाएंगे। आईजी पंकज श्रीवास्तव के अनुसार पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत शहर के मुख्य चौराहों भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लगाए जाने की योजना है। सीसीटीवी कैमरों के लिए रिलायंस जियो फ्री कनेक्टिविटी देगा। शहर में कंपनी एक सर्वर रूम बनाएगी, जहां से जरूरत पड़ने पर पुलिस को वीडियो फुटेज उपलब्ध कराए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरे के उपयोग से लोग खुद की संपत्ति की सुरक्षा और आसपास घटित अपराधों को लेकर पुलिस को सुराग दिलाने में मददगार बन सकते हैं। लोगों में अब इनके प्रति अवेयरनेस बढ़ रही है। एक अच्छी पहल के साथ जिला न्यायालय और परकोटा पर जनसहयोग से कैमरे लगाए गए हैं। एसपी सचिन अतुलकर का कहना है कि जनसहयाेग से राधा तिराहा, सिविल लाइंस चौराहा और अन्य स्थानों पर भी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
कम खर्च में आईपी कैमरे का कर सकते हैं उपयोग
कैमरेके जानकार अजय जैन के अनुसार यदि आपकी जरूरत एक कैमरे से पूरी हो सकती है, तब आप आईपी कैमरे को कम्प्यूटर या मोबाइल सेट से कनेक्ट कर सकते हैं। इसमें 5 हजार रु. का खर्च आएगा। डीवीआर सहित कैमरे लगाने पर यह खर्च दोगुना हो जाएगा।

केस-1
लगभग5 महीने पहले एक युवक सिविल लाइंस वीसी बंगला के सामने स्थापित शहीद कालीचरण की प्रतिमा की गन खींचकर ले गया था। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने पर पुलिस को बदमाश का सुराग मिला। फुटेज में उसे सिविल लाइंस सिंघई बिल्डिंग वाली गली से कचहरी तरफ जाते देखा गया। हुलिया के आधार पर पुलिस को सुराग मिला। बाद में गन बरामद कर ली गई थी।
केस-2
4दिसंबर की सुबह करीब 9.30 बजे जिला पंचायत शेर बंगला के पास कोचिंग से घर लौट रही होमगार्ड में पदस्थ युवती से नीले रंग की मारुति जेन कार से आए बदमाशों ने छेडख़ानी की और वहां से भाग निकले। सिविल लाइंस की एक होटल के सीसीटीवी फुटेज की जांच में नीले रंग की वह कार नजर गई, जिससे इस पूरे मामले का खुलासा हो सका।
केस-3
20अगस्त की सुबह करीब 5 बजे रजाखेड़ी इलाके की 9 साल की बच्ची की आंखों में मिर्ची झोंककर बदमाश उसे बाइक पर ले गया। उससे ज्यादती की कोशिश की और बम्होरी के पास फेंक गया था। मेन रोड की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में युवक बच्ची को बाइक पर आगे बैठाकर ले जाते हुए दिख रहा था। जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया।

केस-4
3अक्टूबर को दशहरे की अलसुबह कैंट के राजीव गांधी पार्क के पास 12 साल की बच्ची बेसुध हालत में मिली। किसी दरिंदे ने ज्यादती के बच्ची को मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गई। एक दुकान के बाहर लगे कैमरे में दो बच्चियों को पार्क तरफ जाते और उसी रास्ते से चश्मा पहने हुए एक बाइक से कबूला पुल की तरफ आते दिखाई दे रहा है। पुलिस इसी संदेही की तलाश में जुटी हुई है।

-कोर्ट परिसर और परकोटा पर जनसहयोग से लगाए गए कैमरे।
- उलझी गुत्थी सुलझाने में कई बार मददगार साबित हुए सीसीटीवी फुटेज ।
- लोग मकानों और दुकानों में लगा रहे कैमरे।