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बिजली विभाग ने कहा- लोगाें ने लाइन के नीचे अवैध रूप से बना लिए मकान
सोमनाथपुरममें हाईटेंशन लाइन करीब 20 साल पहले डाली गई थी। कॉलोनी बाद में डेवलप हुई। लाइन के नीचे अवैध रूप से मकान बनाए गए हैं। यह कहना है मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी तथा आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट पर काम कर रही केईआई कंपनी के अधिकारियों का है।
कंपनी के सहायक अभियंता एवं आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी मोहम्मद अजीज खान ने बताया कि 1994 में यहां पर लाइन बिछाई गई थी। यहां पर अलग से कोई लाइन नहीं डाल रहे हैं बल्कि पुराने खंभों को हटाकर सिंगल सर्किट की जगह डबल सर्किट किए जा रहे हैं। इसमें पुराने छोटे खंभों की जगह 11 मीटर की ऊंचाई वाले खंभे लगाए जा रहे हैं। इंडियन इलेक्ट्रिकल्स एक्ट 1980 के अनुसार अपने रूट पर काम कर रहे हैं। कॉलोनी बसने के बाद लोगों ने नियमविरुद्ध लाइन के नीचे मकान बनाए हैं। नवंबर माह में बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता ने इस मामले में मोतीनगर थाना प्रभारी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने तथा लाइन विस्तारीकरण में सहयोग मांगा था।
सेफकारीडोर होना जरूरी
खानके अनुसार 11 केबी लाइन से 2.5 मीटर एवं हाई एक्सट्रा हाईटेंशन लाइन के नीचे 3.7 मीटर की दूरी तक कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। बिजली लाइनों के मामले में सेफ कारीडोर जरूरी है। पहले भी कॉलोनी के दो लोगों ने शिकायत की थी। जिला प्रशासन को विभाग ने अपना पक्ष रखते हुए तथ्यों से अवगत कराया था। लोग आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट में व्यवधान डाल रहे हैं। इसमें कॉलोनाइजर प्लाट खरीदने वालों का फॉल्ट है। मकरोनिया के कृष्णनगर कॉलोनी के मामले में भी यहीं समस्या है। यहां पर भी पूर्व से डली लाइन का विस्तार किया जा रहा है। कंपनी के अधीक्षण अभियंता जीपी सिंह का कहना है कि बिजली लाइनों का विस्तार आगामी 15 साल बाद शहर की आबादी और कनेक्शन के लिहाज से किया जा रहा है। प्रोजेक्ट शासन के नियमानुसार चल रहा है। एचटी लाइनों के नीचे तो निर्माण कतई नहीं होना चाहिए। पूर्व में हम ऐसे लोगों को नोटिस भी जारी कर चुके हैं।