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जीपीएस के बिना प्रदेश में नहीं चलेगी कोई टैक्सी

7 वर्ष पहले
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मथुरा में मिला दिल्ली कैब के ड्राइवर का आईफोन पढ़ें पेज 14

दिल्लीमें दुष्कर्म की घटना के बाद राज्य सरकार ने कैब और टैक्सी संचालकों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। अब बिना जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) के कोई टैक्सी नहीं चलेगी। ड्राइवर भी पुलिस वेरीफिकेशन के बाद रखे जाएंगे। परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को प्रमुख सचिव और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को यह भी ताकीद कर दी कि वे 15 दिन के अंदर प्रदेश में संचालित वेब बेस्ड कैब, सामान्य टैक्सी और ट्रैवल एजेंसियों की जानकारी एकत्रित करें। सभी के लाइसेंस जांचे जाएंगे। लाइसेंस नहीं होने पर टैक्सी संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। शेष| पेज 9 पर







मोनिकाट्रैवल एजेंसी के संचालक एनसी बघेल का कहना है कि जिन गाड़ियों में जीपीएस नहीं है, तत्काल लगवाएंगे। दिल्ली की घटना ने आंखें खोल दी हैं। ड्राइवरों की फोटो फार्म भरवाया जा रहा है, उसे पुलिस थाने में देंगे वेरीफिकेशन कराएंगे। ग्रोवर ट्रेवल एजेंसी के राकेश ग्रोवर कहते हैं कि वे जल्द ही अपनी सभी गाड़ियों में जीपीएस लगवाएंगे। साथ ही नए पुराने ड्राइवरों की पुलिस जांच करवाकर रखेंगे।

- मेट्रो ने पुलिस में किया आवेदन, माय कैब गाइडलाइन के अनुसार

मेट्रो टैक्सी के संचालक अथर खान ने दिल्ली की घटना के बाद बुधवार को पुलिस में आवेदन किया है कि ड्राइवरों का पुलिस वेरीफिकेशन किया जाए। इनकी 25 टैक्सी चल रही हैं, जिनमें जीपीएस लगा है। इधर, माय कैब के एडीशनल सीईओ देवेंद्र तिवारी ने बताया कि 100 वेब बेस्ड टैक्सी का संचालन कर रहे हैं। इसलिए जीपीएस और पुलिस वेरीफिकेशन की सारी प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है।



तात्कालिकव्यवस्था कर दी गई है, ताकि दिल्ली जैसी घटना यहां हो। टैक्सी संचालकों से कुछ जानकारी जुटाई जा रही है। उसके आने के बाद सख्त मापदंड बनेंगे।

-भूपेंद्रसिंह, परिवहनमंत्री

1. प्रदेश में कितनी टैक्सी कैब संचालित हो रही हैं?

2. कितने कैब संचालकों ने ट्रैवल एजेंसी का लाइसेंस लिया है?

3. वेब बेस्ड टैक्सी सेवा कहां है? लाइसेंस है या नहीं?

4. इन कैब वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा की क्या व्यवस्थाएं हैं?

5. टैक्सी ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन है या नहीं?

6. ऑपरेटरों के दस्तावेज दुरुस्त हैं या नहीं?