तीन साल की नौकरी पूरी करने वाले शिक्षकों को ही मिलेंगे शोधार्थी
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में कार्यरत उन्हीं शिक्षकों को नए शोधार्थी रजिस्टर्ड कराए जाएंगे, जो रेग्युलर हैं एवं तीन साल की नौकरी पूरी कर चुके हैं। जो खुद पीएचडी नहीं हैं, उन्हें शोधार्थी नहीं मिलेंगे। पीएचडी का विज्ञापन जारी होने के समय विश्वविद्यालय एक्ट और ऑर्डिनेंस के नियमों के मुताबिक योग्यता रखने वाले शिक्षकों को ही शोधार्थी मिल पाएंगे। अभी यह स्थिति स्पष्ट नहीं है कि विश्वविद्यालय में कितने नए शिक्षक रेग्युलर हैं और तीन साल की नौकरी पूरी कर चुके हैं। विवि में वर्ष 2012 एवं 2013 में नियुक्तियों के लिफाफे खोले गए थे। ऐसे में कई शिक्षक ऐसे भी होंगे जो जारी वर्ष 2016 में ही अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। यह निर्णय बुधवार को हुई डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की एकेडमिक प्रोग्राम कमेटी की बैठक में लिया गया है। हालांकि मिनिट्स आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी। बैठक कुलपति प्रो. आरपी तिवारी की अध्यक्षता में हुई।
विभाग से नियमित शिक्षक होंगे गाइड : ऐसे शिक्षक जो विश्वविद्यालय से नौकरी छोड़कर जा चुके हैं, उनके शोधार्थियों को विभाग से ही नए गाइड मिलेंगे। संबंधित शोधार्थी अपने ही विभाग से विषय विशेषज्ञ नियमित शिक्षक से बातचीत कर गाइड बना सकेंगे। इससे वह शोधार्थी लाभांवित होंगे, जिनका शोध कार्य, गाइड के न होने से प्रभावित हो रहा था।
इधर ईसी के मिनिट्स सदस्यों को भेजे
8 फरवरी को भोपाल में हुई डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की ईसी के मिनिट्स बनकर तैयार हो गए हैं। इन्हें सभी ईसी सदस्यों को भेजा गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि गुरुवार की शाम तक सभी से एप्रूवल भी मिल जाएगा। ऐसा होते ही फाइनल मिनिट्स जारी कर दिए जाएंगे। मिनिट्स जारी होते ही ईसी में लिए गए निर्णय की पूरी जानकारी भी स्पष्ट हो जाएगी।
विवि के सत्र 2016-17 की प्रवेश-परीक्षा के संबंध में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय बैठक में हुए हैं। इसके तहत क्षेत्रीय यानी मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को लाभ देने प्रदेश में 3 नए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह नीमच, मंडला एवं बुरहानपुर शहर में होंगे। यूजी-पीजी प्रवेश परीक्षा की फीस सामान्य वर्ग के लिए 600 से बढ़ाकर 800 एवं आरक्षित वर्ग के लिए 300 से बढ़ाकर 400 कर दी गई है। इसी प्रकार पीएचडी प्रवेश परीक्षा की फीस सामान्य वर्ग के लिए 950 से बढ़ाकर 1000 एवं आरक्षित वर्ग के लिए 475 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है।
पांच परीक्षा केंद्र बढ़े, फीस में भी इजाफा