केंद्रीय जेल में अनशन कर रहे कैदी पर आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज
सागर से इंदौर, उज्जैन जेल में ट्रांसफर की मांग कर रहा है हत्या का दोषी
भास्कर संवाददाता | सागर
गोपालगंज थाने में केंद्रीय जेल प्रशासन ने आत्महत्या के प्रयास का एक केस दर्ज कराया है। जेल उप-अधीक्षक पीडी श्रीवास्तव के अनुसार जेल में बंद कैदी एजाज उम्र 40 साल पिता उस्मान निवासी तहसील खाचरौद जिला उज्जैन पिछले 10 दिन से आमरण अनशन कर रहा है। आजीवन कारावास की सजा भोग रहा एजाज केंद्रीय जेल सागर से उज्जैन, मंदसौर और इंदौर जेल में ट्रांसफर करने की मांग पर अड़ा है। उसका आवेदन जेल डीजी आॅफिस भोपाल भेजा जा चुका है। इसके बावजूद वह ट्रांसफर की मांग पर अड़ा हुआ है। श्रीवास्वत के अनुसार एजाज, उज्जैन जेल से डेढ़ साल पहले सागर आया था।
तीन दिन जेल में अनशन किया, फिर अस्पताल भेजा : उप अधीक्षक श्रीवास्तव ने बताया कि एजाज ने 31 जनवरी से भोजन लेना बंद कर दिया था। तीन दिन बाद उसे 2 फरवरी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जहां उसे ग्लुकोज दिया गया। 8 तारीख को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे फिट घोषित कर वापस जेल भेज दिया। यहां आने के बाद एजाज ने फिर भूख हड़ताल करना शुरू कर दी। हालांकि उसे जेल अस्पताल के वार्ड में ग्लुकोज दिया जा रहा था। खिलाफ थाने में आत्महत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया गया है।
गृह जिले के आसपास पहुंचते ही दादागिरी करने लगते हैं
कैदी एजाज की मानें तो उसके परिजनों को मेल-मुलाकात के लिए सागर आने में परेशानी होती है। इसलिए उसे मालवा क्षेत्र के जिलाें में ट्रांसफर किया जाए। जबकि जेल सूत्रों की मानें तो उसकी मंशा कुछ और है। दरअसल एजाज एक शातिर किस्म का अपराधी है। डेढ़ साल पहले इंदौर में जेल के भीतर हुए गोली कांड में उसकी संदिग्ध भूमिका थी। जिसके बाद उसे वहां से पहले उज्जैन फिर सागर ट्रांसफर किया गया। वह साल 2003 में सागर जेल में बंद रह चुका है और पेशी पर जाते समय भाग चुका है। यहां से उज्जैन, इंदौर या मंदसौर जेल जाने के पीछे उसका मूल उद्देश्य ये हो सकता है कि वह इन जेलों में अपने आसपास के इलाकों से बंद हुए अपराधियों के साथ गुट बनाए। जो आगे चलकर जेल प्रशासन पर दबाव बनाने और अनुशासन भंग करने का काम करते हैं। सागर में उसे ये माहौल नहीं मिल पा रहा। इसलिए वह यहां से ट्रांसफर मांग रहा है।