टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के घूसखोर फील्ड ऑफिसर को 2 साल की सजा
खेतिहर जमीन का कॉमर्शियल उपयोग करने के लिए एनओसी देने के एवज में रिश्वत की मांग करने वाले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के फील्ड ऑफिसर आरबी शर्मा को प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरके शर्मा ने दो साल की सजा तथा 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक रामकुमार पटेल ने बताया कि ग्राम जूना निवासी कमलेश कुर्मी ने अपनी खेतिहर जमीन पर वेयरहाउस बनाने के लिए डायवर्सन कराने के लिए एसडीएम रहली को आवेदन किया था।
इसका अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से पत्र व्यवहार किया गया। प्रमाण पत्र देने के लिए शर्मा ने कमलेश से 9 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। कमलेश रिश्वत नहीं देना चाहता था। लिहाजा उसने इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी से की। एसपी ने शर्मा को रंगे हाथों पकड़ने के लिए योजना बनाई।
योजना के तहत कमलेश के साथ प्रधान आरक्षक को भेजा गया। कमलेश ने आरक्षक के सामने शर्मा से बात की और रिश्वत मांगने की पुष्टि करा ली। इस पर एसपी ने मामला दर्ज कर आरोपी को ट्रेप करने के लिए टीम भेजी। 9 जनवरी 2014 को आरोपी कमलेश से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया।
कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर शर्मा को कोर्ट ने सजा सुना दी। पीसी एक्ट की धारा 7 में आरोपी को 1 साल का सश्रम कारावास तथा 2 हजार रुपए अर्थदंड और धारा 13 (1) डी, 13(2) में 2 साल की जेल तथा 3 हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।