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7 सदस्यों की परिषद के लिए दाखिल हुए 59 फॉर्म

7 वर्ष पहले
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सागर. कैंट के चुनाव में इस बार कई दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। कारण यह है कि इस चुनाव में अापस में पिता-पुत्र, सगे भाई, देवरानी-जेठानी और पति-पत्नी ने नामांकन जमा किए हैं। अगर इन लाेगों ने नाम वापस नहीं लिए तो कैंट समेत बाकी शहरवासियों को रिश्तों की चुनावी लड़ाई का रोमांच देखने को मिल सकता है।
बहरहाल गुरुवार से कैंट बोर्ड में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई। राहतगढ़ तहसील के एसडीएम रोशन राय ने बतौर रिटर्निंग ऑफिसर, बोर्ड कार्यालय में अभ्यर्थियों से नामांकन जमा कराए। राय के अनुसार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सभी 7 वार्ड के लिए 59 नामांकन जमा किए गए हैं।
यह रहेगा पूरा चुनावी कार्यक्रम : नामांकन जमा करने के बाद अब 15 दिसंबर को उनकी स्क्रूटिनी होगी। जबकि 19 दिसंबर को नाम वापसी। 22 दिसंबर को चुनाव चिन्हों का आवंटन करने के बाद अगले वर्ष 11 जनवरी 2015 को मतदान कराया जाएगा।
12 जनवरी को मतगणना कराकर नतीजे घोषित होंगे। मतगणना बोर्ड ऑफिस में होगी। अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह चुनाव ईवीएम से या पहले की तरह बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। किसी एक पहचान-पत्र को दिखाकर कैंटवासी संबंधित 37 पोलिंग बूथ में से किसी एक पर वोट दे सकेंगे।

इन रिश्तेदारों ने जमा किए हैं नामांकन : चुनाव में वार्ड क्रमांक 1 से पूर्व पार्षद डॉ. प्रमोद चौकसे की पत्नी वीना मैदान में है। उन्हीं के साथ उनकी जेठानी राजकुमारी पति अनिल चौकसे भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। अगला जोड़ा सगे भाई मुबीन मुख्तार दोनों पिता शेख अहमद का है। इन दोनों भाइयों ने वार्ड क्रमांक 3 से नामांकन जमा किए हैं।
अगला नाम एक बार फिर डॉ. प्रमोद चौकसे का है। जिन्होंने वार्ड क्रमांक 5 से नामांकन जमा किया है। इधर वार्ड क्रमांक 6 से पिता-पुत्र दयाराम कपिल ने नामांकन जमा किए हैं। जबकि पति-प|ी के रूप में नामांकन जमा करने वाला एक और जोड़ा कैंट के निवर्तमान उपाध्यक्ष पूनम पटेल उनके पति वीरेंद्र पटेल का है। जिन्होंने क्रमश: वार्ड क्रमांक 6 7 से नामांकन जमा किया है।

भरोसा नहीं किस का फॉर्म कब रिजेक्ट हो जाए : चुनावमें रिश्तेदार जोड़ियों द्वारा नामांकन जमा करने को लेकर अलग- अलग चर्चाएं हैं। एक अभ्यर्थी का कहना है कि यह कैंट बोर्ड है, जहां कुछ भी हो सकता है। बोर्ड के पदाधिकारियों के इशारे पर किसी का भी नामांकन रद्द किया जा सकता है।