पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • शिक्षक विहीन 50 स्कूलों में हो गए ट्रांसफर, 240 अतिशेष इधर से उधर

शिक्षक विहीन 50 स्कूलों में हो गए ट्रांसफर, 240 अतिशेष इधर से उधर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अतिशेषशिक्षकों की काउंसिलिंग शुरू हाे गई है। पहले चरण में एमएलबी स्कूल क्रमांक-1 में गुरुवार को रहली, देवरी एवं केसली ब्लॉक के लिए काउंसिलिंग हुई। हर संवर्ग के लिए हुई काउंसिलिंग में 240 शिक्षक इधर से उधर हो गए। इनको जरूरतमंद स्कूल में भेजा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी आरएन शुक्ला के मुताबिक 50 शिक्षक विहीन स्कूल में शिक्षक पहुंच गए हैं। एक शिक्षक वाली स्कूल में भी शिक्षक पहुंचे हैं। इसका सीधा फायदा इन स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक तीनों ब्लॉक से कुल 265 अतिशेष शिक्षकों को बुलाया गया था। इनमें से 240 शिक्षक उपस्थित हुए। लगभग सभी ने काउंसिलिंग में दूसरी स्कूल ले लीं, जो 25 शिक्षक नहीं आए, उनमें से कुछ सहायक शिक्षक से शिक्षक एवं सहायक अध्यापक से अध्यापक पद के लिए हुई पदोन्नति प्रक्रिया में पदोन्नत होकर दूसरी जगह चले गए हैं। कुछ अपनी स्कूल से प्रमोशन लेने वाले शिक्षकों की वजह से अब अतिशेष की सूची से बाहर गए हैं।

एकभी स्कूल नहीं रहेगी शिक्षक विहीन : शिक्षकविहीन स्कूल की बात करें तो पोर्टल की जानकारी के अनुसार 139 स्कूल शिक्षक विहीन थे। डीईओ के मुताबिक शिक्षक विहीन स्कूल घटकर 109 हो गए थे। सहायक अध्यापक से अध्यापक पद की पदोन्नति के बाद 25 स्कूल में शिक्षक पहुंच गए, तो तीन ब्लॉक की काउंसिलिंग के बाद 50 में और पहुंच गए। ऐसे में अब सिर्फ 34 स्कूल ही शिक्षक विहीन रह गई हैं, जो अतिशेष की काउंसिलिंग के बाद शून्य हो जाएंगी। दैनिक भास्कर ने इसके लिए जिम्मेदार अतिशेष के खेल के खिलाफ लगातार मुहिम चलाई। इसी के चलते यह सब हो रहा है।

5 ब्लॉक आज, जो नहीं आए उन्हें हम भेजेंगे

शुक्रवारकोदूसरे चरण में सुबह 11 बजे से एमएलबी स्कूल क्रमांक-1 में मालथौन, बंडा, शाहगढ़, जैसीनगर एवं राहतगढ़ ब्लॉक की काउंसिलिंग होगी। डीईओ ने कहा है कि सभी का आना अनिवार्य है। काउंसिलिंग में वह अपनी पसंद की स्कूल पा सकते हैं, जो नहीं आएंगे, उन्हें शासन अपने हिसाब से दूसरी स्कूल में भेजेगा।

सागरब्लॉक की कल हो सकती है काउंसिलिंग

सागरब्लॉकस्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों हर एक के लिए गले की फांस बना हुआ है। पहले यहां की सूची जारी करने में बेहद आनाकानी, लेटलतीफी हुई। अब इसकी काउंसिलिंग भी संभवत: सबसे बाद में होगी। बहाना यहां सबसे अधिक संख्या है। हकीकत