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- हमारे जीवन में जो नहीं होता, उसी में सुख दिखता है : शास्त्री
हमारे जीवन में जो नहीं होता, उसी में सुख दिखता है : शास्त्री
श्रीमदभागवत की कथा धुंधकारी जैसे पापात्मा की प्रेतयोनि को समाप्त करने वाला ग्रंथ है। सत्संग का सच्चा सुख और लाभ रसिक और भावुक जन ही ले पाते हैं। प्यास होने पर पानी के प्याऊ की महिमा को नहीं जाना जा सकता। अपने जीवन की उद्धार की कामना करने वाला ही श्रीमद् भागवत से लाभ प्राप्त कर सकता है। यह बात खेल परिसर के बाजू वाले मैदान में चल रही संगीतमयी श्री मद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन गुरुवार को कथा व्यास डॉ. श्यामसुंदर पाराशर शास्त्री वृंदावन धाम ने कही। उन्होंने कहा कि भक्ति के मर्म से ही ज्ञान और वैराग्य का जन्म होता है। गोपियों ने भक्ति के कारण ही श्रीकृष्ण भगवान को रिझाया और भगवान के प्रति अनुराग होने से ज्ञान और वैराग जरूर आएगा। भागवत के श्रवण से कोई भी प्राणी तर सकता है।
सागर . खेल परिसर के बाजू वाले मैदान में चल रही श्रीमद भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।