सागर। भगवान गंज स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब की कार्यकारिणी गठित हो गई है। तीन दिन पहले चुनाव जीतीं श्रीमती दलवीर कौर को सर्वसम्मति से श्री गुरुसिंघ सभा का अध्यक्ष चुना गया है। आजादी से कुछ साल पहले बने श्री गुरुद्वारा साहिब की श्रीमती कौर पहली महिला प्रधान हैं। उनसे पहले यह दायित्व पुरुष ही संभालते रहे हैं। श्री गुरुद्वारा साहिब की स्थापना सन 1940 में हुई थी। अध्यक्ष श्रीमती कौर के अनुसार उन्होंने अपने कमेटी के बाकी पदाधिकारियों के मनोनयन के बारे में आधिकारिक रूप से नायब तहसीलदार को सूचित कर दिया है।
अहलूवालियाबने सचिव, भाटिया-सग्गू होंगे उपाध्यक्ष : नवनिर्वाचितअध्यक्ष श्रीमती दलवीर कौर के अनुसार हमारी वर्किंग कमेटी में सभी सदस्यों को योग्यता एवं अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियां दी गई हैं। श्रीमती कौर के मुताबिक कमेटी में चरनजीत सिंह भाटिया नरेंद्रसिंह सग्गू को उपाध्यक्ष बनाया गया है। सचिव अरजीतसिंह अहलूवालिया सह-सचिव हरदीप सिंह होरा को बनाया गया है। कोषाध्यक्ष का जिम्मा कुलदीप सिंह भाटिया को मिला है। इसी तरह स्टोरकीपर का काम गुरुशरण सिंह, ग्रंथपाल का काम परविंदरसिंह टुटेजा करेंगे। कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में कुलजीत सिंह अहलूवालिया, दविंदरपाल सिंह चावला, सतिंदर कौर भाटिया, अपिन्दरपाल सिंह चावला एवं हरचरण सिंह नैयर काम करेंगे।
गुरुद्वारे के स्कूल में हैडमास्टर रही हैं कौर : श्रीमती दलवीर कौर पेशे से शिक्षक रही हैं। श्री गुरुद्वारा साहिब की स्कूल में 28 साल सेवाएं देने के बाद वह पिछले साल रिटायर हुई हैं। कौर के पति सेना से रिटायर्ड हैं। समुदाय की उन्नति को सर्वोपरि मानने वाली श्रीमती कौर के अनुसार मेरे पिता दादाजी इस गुरुद्वारा साहब के प्रधान रह चुके हैं। इसलिए एक तरह से गुरुद्वारा साहिब की सेवा करना मेरे खून में है। फिलहाल मेरी योजना यह है कि श्री गुरुद्वारा साहिब के ऊपरी हिस्से में एक गुंबद बनाया जाए। इसके अलावा लंगर के लिए भी कुछ काम करना है। समुदाय के परिवारों के भीतर या आस-पड़ोस में कोई विवाद नहीं रहे। इसके लिए भी वह लगातार काम करेंगी।
नए प्रधान के नेतृत्व में समुदाय और मजबूत होगा
''नईप्रधान श्रीमती कौर एक सुलझी गंभीर महिला हैं। प्रधान की जिम्मेदारी संभालने का उन्हें पारिवारिक अनुभव है। इसलिए सिख समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में मुझे पूरा विश्वास है कि वह हमारी तरक्की मजबूती के लिए लगातार काम करेंगी। समुदाय भी उन्हें हर समय हर मौके पर सहयोग देगा।'' -सरदार नरेंद्रपाल सिंह दुग्गल, अध्यक्ष,सागर ट्रक-ट्रांसपोर्ट यूनियन, सागर
धनबल और बाहुबल को जवाब मिला
''गुरुद्वारा के इतिहास में पहली बार चुनाव हुए थे। लेकिन इसमें भी धर्म की विजय हुई। कुछ धनबल और बाहुबल वाले व्यक्तियों ने पर्दे के पीछे एकराय होकर मुझे पद से हटवा दिया था। इस चुनाव में सच्चाई की जीत हुई। मुझे अब किसी से कोई गिला-शिकवा नहीं है। गुरुद्वारा समाज की तरक्की के लिए सभी मिलजुलकर आगे आएं।'' गुरजीतसिंह अहलूवालिया ,पूर्व अध्यक्ष एवं प्रधान,श्री गुरुसिंघ सभा, भगवानगंज, सागर।
अखंड पाठ का समापन और गुरु का लंगर होगा : सकलसिख संगत की ओर से श्री गुरुद्वारा साहिब में आए रागी जत्थे द्वारा अखंड कीर्तन किया जा रहा है। रविवार को इसका समापन होगा। इसके बाद सुबह 11.30 बजे गुरु का अटूट लंगर होगा। सभा के नवनियुक्त सचिव अरजीतसिंह के अनुसार कीर्तन लंगर का आयोजन चुनाव के निष्पक्ष शांतिपूर्ण सम्पन्न होने के उपलक्ष्य में कराया गया जा रहा है।
भगवानगंज स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब के इतिहास में पहली बार चुनाव हुए, कार्यकारिणी का गठन ।
(दलबीर कौर )