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संपत्तिकर होर्डिंग्स से आमदनी बढ़ाने की तैयारी
आमदनीअठन्नी और खर्चा रुपैया। ऐसी ही हालत है नगर सरकार की। लिहाजा, नई परिषद के पहले बजट (2015-16) में नगर निगम का फोकस घाटे की पूर्ति के लिए विभिन्न स्रोतों से आय बढ़ाने पर है। होटल, लॉज, मैरिज हाल, मोबाइल टॉवर, एटीएम और अन्य कॉमर्शियल भवनों पर नए सिरे से कर निर्धारण होना है। हाल ही में हुए सर्वे में एेसे 4 हजार से ज्यादा भवन चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा विज्ञापन के बढ़ते ट्रैंड को भुनाते हुए होर्डिंग्स से भी राजस्व बढ़ाने की तैयारी है।
निगम के लेखा विभाग ने एक महीने पहले से बजट की तैयारी शुरू कर दी थी। 31 मार्च के पहले पारित होने वाले बजट के लिए सभी विभागों से 2015-16 में अनुमानित खर्च आय का ब्यौरा मांगा जा रहा है। लेखा विभाग के अनुसार वर्ष 2014-15 में निगम का 28 लाख 50 हजार के घाटे का बजट पारित हुआ था। 240 करोड़ 12 लाख 30 हजार के बजट में प्रस्तावित व्यय 240 करोड़ 40 लाख 80 हजार का था। विभाग प्रमुख एमआईसी के चेयरमेन घाटे की पूर्ति के लिए, आय के साधन बढ़ाने देनदारियां चुकाने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। अगले वित्तीय वर्ष में साल कहां-कितना खर्च होगा और कहां से कितनी आय होगी। इसकी जानकारी विभागों से भेजी जा रही है। जल्द ही लेखा विभाग समीक्षा के लिए टेंटेटिव बजट निगमायुक्त के समक्ष पेश करेगा।
परिषदकी बैठक 24 को : नईनिगम परिषद की पहली बैठक 24 फरवरी को होगी। महापौर इंजीनियर अभय दरे सभापति राजबहादुर सिंह ने यह तारीख तय करते हुए पार्षदों से प्रस्ताव मांगे हैं। बैठक में निगम बजट पर भी चर्चा होगी।
निगम को घाटे से उबारने का प्रयास
महापौरइंजीनियर अभय दरे का कहना है कि बजट की तैयारी चल रही है। दो-तीन दिन में एमआईसी सदस्य, पार्षद अधिकारियों की बैठक बुलाकर उन सभी प्रस्तावों पर चर्चा कर बजट में शामिल कराएंगे जिनसे निगम को घाटे उबारा जा सके। संपत्तिकर के अलावा होर्डिंग्स ठेके से भी आय बढ़ाने का प्रयास है।
ऑनलाइनव्यवस्था से सुधार की उम्मीद
निगमायुक्तरणवीर कुमार का कहना है कि कम्प्यूटराइजेशन के बाद जलकर की वसूली कई गुना बढ़ी है। यह टेक्नालॉजी का ही कमाल है। ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन की तरह विभिन्न टैक्स, किराया जमा करने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर जोर देना होगा। इससे काम में पारदर्शिता आएगी और निगम की आए भी बढ़ेगी।
सिटी रिपोर्टर | सागर
आमदनीअठन्नी और खर्चा रुपैया। ऐसी ही हालत है नगर सरकार की। लिहाजा, नई परिषद के पहले बजट (2015-16) में नगर निगम का फोकस घाटे की पूर्ति के लिए विभिन्न स्रोतों से आय बढ़ाने पर है। होटल, लॉज, मैरिज हाल, मोबाइल टॉवर, एटीएम और अन्य कॉमर्शियल भवनों पर नए सिरे से कर निर्धारण होना है। हाल ही में हुए सर्वे में एेसे 4 हजार से ज्यादा भवन चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा विज्ञापन के बढ़ते ट्रैंड को भुनाते हुए होर्डिंग्स से भी राजस्व बढ़ाने की तैयारी है।
निगम के लेखा विभाग ने एक महीने पहले से बजट की तैयारी शुरू कर दी थी। 31 मार्च के पहले पारित होने वाले बजट के लिए सभी विभागों से 2015-16 में अनुमानित खर्च आय का ब्यौरा मांगा जा रहा है। लेखा विभाग के अनुसार वर्ष 2014-15 में निगम का 28 लाख 50 हजार के घाटे का बजट पारित हुआ था। 240 करोड़ 12 लाख 30 हजार के बजट में प्रस्तावित व्यय 240 करोड़ 40 लाख 80 हजार का था। विभाग प्रमुख एमआईसी के चेयरमेन घाटे की पूर्ति के लिए, आय के साधन बढ़ाने देनदारियां चुकाने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। अगले वित्तीय वर्ष में साल कहां-कितना खर्च होगा और कहां से कितनी आय होगी। इसकी जानकारी विभागों से भेजी जा रही है। जल्द ही लेखा विभाग समीक्षा के लिए टेंटेटिव बजट निगमायुक्त के समक्ष पेश करेगा।
परिषदकी बैठक 24 को : नईनिगम परिषद की पहली बैठक 24 फरवरी को होगी। महापौर इंजीनियर अभय दरे सभापति राजबहादुर सिंह ने यह तारीख तय करते हुए पार्षदों से प्रस्ताव मांगे हैं। बैठक में निगम बजट पर भी चर्चा होगी।