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सड़क पर उतरकर कांग्रेस ने बंद कराया बाजार, कई जगह बने विवाद के हालात

5 वर्ष पहले
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सागर। भाजपा शासित नगर निगम द्वारा संपत्तिकर की जबरिया वसूली के खिलाफ कांग्रेस ने मंगलवार को शहर बंद कराया। बंद में स्थानीय जनता व व्यापारी वर्ग के साथ ही विभिन्न संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया। कांग्रेसियों ने मंगलवार को सुबह 9 बजे कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन के सामने सभा का आयोजन कर संपत्तिकर की मौजूदा व्यवस्था को वापिस लेने के लिए भाजपा महापौर तथा उनके पार्षदों को ललकारा। इसके बाद पदाधिकारियों ने अलग-अलग टीमों के माध्यम से शहर की मुख्य बाजारों को बंद कराया गया है। कांग्रेसी बाइक रैली लेकर दुकानों को बंद कराने के लिए पहुंचे।

बैठकों में अनसुना कर दिया जाता था
नेता प्रतिपक्ष अजय परमार ने कहा कि संपत्तिकर के मामले में कांग्रेस पार्षदों द्वारा निगम परिषद की बैठकों में लगातार विरोध किया गया, लेकिन महापौर लगातार अनसुना कर देते थे। अब यह लड़ाई जनता के बीच पहुंच चुकी है। जिला ग्रामीण अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत ने कहा कि नगर सरकार भी सिर्फ जनता का शोषण कर रही है। पूर्व महापौर उत्तमचंद खटीक ने कहा कि कांग्रेस की नगर निगम के समय में संपत्तिकर की वसूली जनता की स्वेच्छा पर थी, लेकिन अब जनता की जेब काटी जा रही है।
संभागीय प्रवक्ता डॉ. संदीप सबलोक ने कहा कि स्मार्ट सिटी के सब्जबाग दिखाकर जनता का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश यादव व सीमा चौधरी ने सभा को संबोधित किया। सभा का संचालन व नेता प्रतिपक्ष अजय परमार ने किया। कांग्रेसजनों ने निगम आयुक्त कौशलेंद्र विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपकर संपत्तिकर की वसूली को स्थगित करते हुए निगम परिषद की साधारण सभा बुलाकर चर्चा करने एवं व्यवहारिक व्यवस्था लागू करने की मांग की। इस दौरान संतोष पांडे, त्रिलोकीनाथ कटारे, सुनील जैन, मुन्ना चौबे, शालू सेंगर, अंकित जैन, असरफ खान, सीमा चौधरी, दीनदयाल तिवारी, शरद पुरोहित, प्रभुदयाल बिल्थरिया आदि मौजूद थे।

मुख्य बाजार रहे दोपहर तक बंद

सभी मुख्य बाजार सुबह से बंद रहे। एक-दो दुकानों के अलावा तीन बत्ती से राधा तिगड्डा तक दुकानें बंद दिखाई दी। दोपहर 3 बजे के बाद बाजारों की प्रमुख दुकानों जरूर खुल गई थी, लेकिन अधिकांश दुकानें दोपहर बाद भी बंद ही दिखाई दी। जिलाध्यक्ष रेखा चौधरी ने महापौर अभय दरे को चेतावनी दी है कि संपत्तिकर की वसूली को तत्काल स्थगित कर जारी बिलों को निरस्त करें। व्यवहारिक कर प्रणाली के लिए निगम परिषद की सभा बुलाएं। अगर इस मामले में जल्द निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।
वाहन रैली को रोकने पर बहस
सिविल लाइन पर दुकानें बंद कराने बाइक रैली पर निकले कांग्रेसियों में से पुलिस ने तीन सवारियों वाले वाहनों को रोक लिया। इस दौरान थोड़ी बहुत बहस हुई। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें जाने दिया।

वसूली रोककर विशेष चर्चा कराने की मांग

नेता प्रतिपक्ष अजय परमार ने संपत्तिकर के विरोध में शहर बंद को व्यापक समर्थन मिलने का दावा किया है। उन्होंने निगम कमिश्नर को सौंपे ज्ञापन में वार्डों में लगाए जा रहे संपत्तिकर वसूली शिविर को रोककर इस विषय पर निगम परिषद में चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि संपत्तिकर के निर्धारण में खामियाें के कारण जनता में आक्रोश है। लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। पिछड़े व एससी वार्डों में संपत्तिकर कर के छूट देने जैसा निगम एक्ट में कोई प्रावधान नहीं है।

कांग्रेसियों ने उखाड़ा संपत्तिकर शिविर का पंडाल
कांच मंदिर मछरयाई में केशवगंज वार्ड का संपत्तिकर जमा करने के लिए शिविर लगाया गया था। बंद के दौरान दोपहर 2 बजे कांग्रेसी शिविर में आ धमके। जिससे निगम कर्मचारियों को शिविर छोड़कर भागना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने शिविर का पोस्टर फाड़ दिया तथा पंडाल उखाड़ दिया। यहां मौजूद निगम कर्मचारी अपना सामान उठाकर निगम लौट आए। निगम कमिश्नर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने एसपी सचिन अतुलकर से बात की।
जिस पर एसपी ने शिविर को स्थगित करने को कहा। मोतीनगर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार पहले ही शिविर बंद कराने पहुंच गए थे। शिविर में माधव प्रसाद कटारे, पार्षद परशु विश्वकर्मा, धर्मेंद्र बोहरे, संजय सोनी, डीपी मिश्रा आदि मौजूद थे। राजस्व अधिकारी ब्रजेश तिवारी व राजेंद्र नगरिया शिविर स्थल से पहले ही रवाना हो गए थे। उधर, बंद के चलते निगम में भी कामकाज प्रभावित रहा। महापौर अभय दरे स्मार्ट सिटी की बैठक में शामिल होने मुंबई गए हैं।
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