सीबीआई को मिली सूचना, विवि से अब पत्र मिलने का इंतजार है
आईआईटी कानपुर में बीओजी की बैठक अब 19 को होगी
भास्कर संवाददाता | सागर
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में हुए नियुक्ति घोटाले के मामले में सीबीआई जबलपुर को विवि की कार्यपरिषद की बैठक में हुए निर्णय की जानकारी मिल गई है। सीबीआई अब विश्वविद्यालय से इसी मामले में पत्र मिलने का इंतजार कर रही है। यह पत्र मिलते ही कभी भी सीबीआई परफार्मिंग आर्ट्स विभाग के केस में चार्जशीट पेश कर देगी।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अपराध शास्त्र विभाग के मामले में विवि का अंतिम निर्णय आने के बाद दोनों में एक साथ चालान पेश करेगी, या फिलहाल सिर्फ परफार्मिंग आर्ट्स का ही चालान पेश होगा। पर सीबीआई इस माह के आखिर तक दोनों ही विभागों में चार्जशीट पेश करने की तैयारी में है। सीबीआई को उम्मीद है कि जल्दी ही विश्वविद्यालय प्रशासन अपराध शास्त्र विभाग के मामले में भी ईसी के निर्देश पर अधिवक्ता से सलाह लेकर जबलपुर सूचना भेज देंगे। उधर आईआईटी कानपुर में बोर्ड ऑफ जनरल की बैठक जो 20 फरवरी को प्रस्तावित थी, वह एक दिन पहले यानी 19 फरवरी को कर दी गई है। इस बैठक में विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो. एनएस गजभिए के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के मामले में निर्णय लिया जाएगा। सीबीआई द्वारा चार्जशीट पेश करने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। उसे सिर्फ दोनों संस्थानों से स्वीकृति मिलने भर का इंतजार है। एक मामले में सीबीआई पहले ही चार्जशीट पेश कर चुकी है। दूसरे मामले यानी परफार्मिंग आर्ट्स में उसे अभियोजन पेश करने की स्वीकृति विवि से मिल गई है। सीबीआई 19 फरवरी को कानपुर में होने वाली बीओजी की बैठक में होने वाले निर्णय के बाद भी चार्जशीट पेश कर सकती है। क्योंकि प्रो. गजभिए का नाम इसमें भी है। सीबीआई को उम्मीद है कि 19 फरवरी के पहले तक विश्वविद्यालय ईसी के निर्देशानुसार अपराध शास्त्र विभाग के मामले में भी अपना निर्णय ले लेगा। ऐसे में अगर दोनों संस्थानों से स्वीकृति मिल जाती है तो एक साथ परफार्मिंग आर्ट्स एवं अपराध शास्त्र विभाग दोनों की चार्जशीट भी पेश कर सकती है। इन दोनों विभागों में प्रो. गजभिए सहित विवि के दो प्रोफेसर एवं दो असिस्टेंट प्रोफेसर के नाम शामिल हैं।
विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाला