कैंट बोर्ड की बैठक में उपाध्यक्ष का इस्तीफा, अवैध दुकानें हटाने सहमति
एक साल पहले ही रूपरेखा तैयार हो गई थी
Áकैंट की जमीन पर निगम के फायर स्टेशन पर भी बनी सहमति Áअनुभवी के नाम पर रिटायर्ड कर्मचारियों को रखे जाने पर भी सहमति Á पार्षदों ने डीवीआर चोरी का मामला उठाया, अध्यक्ष नहीं दिखे गंभीर
भास्कर संवाददाता | सागर
कैंट बोर्ड की मंगलवार को साधारण सभा की मीटिंग हुई। जिसमें बड़े अप्रत्याशित तरीके से बोर्ड के वर्तमान उपाध्यक्ष शेखर चौधरी ने निजी कारण बताकर अपना इस्तीफा बोर्ड के समक्ष पेश कर दिया। बोर्ड के पदेन अध्यक्ष एवं ब्रिगेडियर ऋतुराज रैना ने इसे विचारार्थ स्वीकार कर लिया। इधर उपाध्यक्ष के इस्तीफे को लेकर मीटिंग में कुछ समय के लिए सुगबुगाहट रही। लेकिन इसके बाद मीटिंग अपने तयशुदा एजेंडे के मुताबिक पूरी हुई। शुरुआत में कलेक्टर के प्रतिनिधि रूप में अपर कलेक्टर दिनेश श्रीवास्तव ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। बोर्ड में कलेक्टर को सदस्य के स्थान दिया गया है। चूंकि पूर्व कलेक्टर अशोककुमार सिंह रिटायर हो गए हैं। इसलिए ये स्थान खाली था। मीटिंग में अन्य सदस्य के रूप में पार्षद वीरेंद्र पटेल, वीणा चौकसे, प्रभदुयाल पटेल, किरण केशरवानी, विमल यादव, मुहम्मद जिलानी, सीईओ विजयकुमार बालन नायर, कर्नल पी. पटनायक, कर्नल ब्रजेशसिंह, गैरिसन इंजीनियर विनीत खंडेलवाल मौजूद थे। बैठक सुबह 11.30 बजे से शुरू होकर देरशाम तक चलती रही।
कैंट एरिया की जनता के लिए उपाध्यक्ष चौधरी का इस्तीफा भले ही चौंकाने वाला हो।लेकिन इसकी रूपरेखा एक साल पहले फरवरी 2015 में ही तैयार हो गई थी। बोर्ड के पांच पार्षद वीणा चौकसे, किरण केशरवानी, प्रभुदयाल पटेल, शेखर चौधरी और मोहम्मद जिलानी एक धड़ा बना लिया था। दूसरे धड़े में वीरेंद्र पटेल व विमल यादव शामिल थे। पहले धड़े के पार्षदों ने उस समय तय किया था कि बोर्ड के पांच वर्षीय कार्यकाल में सभी पांच सदस्य एक-एक साल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। माना जा रहा है कि चाैधरी का इस्तीफा इसी सहमति के तहत हुआ है। चर्चाओं के अनुसार अब उपाध्यक्ष की जवाबदारी मोहम्मद जिलानी को दी जा सकती है
नगर निगम की मदद से होगी कुत्तों की नसबंदी
बोर्ड मीटिंग में फायर स्टेशन पर नगर निगम सागर की शर्तों पर सहमति जताई गई। कैंट की नर्सरी के पास स्टेशन बनाने के लिए जमीन प्रस्तावित की जाएगी। एजेंडा में आवारा कुत्तों पर कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया गया कि नगर निगम की मदद से उन्हें पकड़कर नसबंदी की जाए। कपुरिया श्मशान घाट में टीनशेड के लिए अनापत्ति दी गई। कांजी हाउस के बाजू वाली कैंटीन बंद नहीं होगी। बाजार बैठकी की ठेका प्रक्रिया को मंजूर किया गया। जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की सुरक्षा व्यवस्था को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक एक्सटेंड किया गया।
प्रभार में बदलाव गलत, नया आदेश जारी
बोर्ड में पार्षदों ने सीईओ नायर द्वारा राजस्व शाखा प्रभारी एवं एकाउंटेंट के चार्ज में फेरबदल को भी उठाया। जवाब में अध्यक्ष ने बताया कि ये फेरबदल गलत था। संशोधित आदेश जारी कर दोनों अधिकारियों को यथास्थिति में काम करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा बोर्ड ने कार्यालय की सभी शाखााअों के हेड एवं स्कूल प्राचार्यों द्वारा 5-5 हजार रुपए तक के खर्च की अनुमति को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल गैर-जरूरी मांग है।
पीली कोठी स्थित सुधांशु श्रीवास्तव के अवैध शॉपिंग कॉम्पलेक्स पर कार्रवाई के लिए पूरा बोर्ड एकमत दिखा। अध्यक्ष बिग्रे. रैना ने कहा कि इस मामले में बोर्ड की तरफ हाईकोर्ट में पहले ही केविएट दाखिल हो चुकी है। अब हम जिला न्यायालय के फैसले के आधार पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। जल्द से जल्द इस अवैध निर्माण के बारे में निर्णय ले लिया जाएगा। अतिक्रमणकर्ता को न्यायालय से राहत लेने का अवसर नहीं दिया जाएगा।
रिटायर्ड कर्मचारी और डीवीआर चोरी में नरम रहा अध्यक्ष का रुख
बोर्ड के ऑफिस में 7 रिटायर्ड कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने के मामले में ब्रिगे. रैना का रुख नरम रहा। पार्षदों द्वारा इस मुद्दे को उठाने पर उन्होंने कहा कि ऑफिस में अभी जरूरत से आधे कर्मचारी हैं। जो हैं, उन्हें काम का अनुभव नहीं है। इसलिए इन रिटायर्ड कर्मचारियों में से जो लोग ठीक काम कर रहे हैं। उन्हें फिलहाल यथावत रखा जाएगा। लेकिन जो काम नहीं कर रहे उन्हें हटाएंगे। इसके अलावा एक विकल्प ये भी रखेंगे कि कार्यालय से अन्य रिटायर्ड व्यक्तियों से इन सभी को री-प्लेस किया जाए। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने पर ये समस्या बहुत हद तक खत्म हो जाएगी। इसके बाद पार्षदों ने सीईओ के चैम्बर से डीवीआर चोरी होने का मामला उठाया। जवाब में अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में पुलिस से पुख्ता कार्रवाई जाएगी।
अवैध शॉपिंग काॅम्पलेक्स पर कार्रवाई के लिए सभी एकमत