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हॉस्टल वार्डन बनने जिला पंचायत आए िशक्षक दोबारा बैरंग लौटे

5 वर्ष पहले
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आदिवासी विकास विभाग के 22 हॉस्टलों में अधीक्षक के खाली पदों पर होनी है भर्ती

भास्कर संवाददाता | सागर

आदिवासी विकास विभाग में छात्रावास अधीक्षक बनने की लालसा में महज चार दिन के भीतर दूसरी बार जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे स्कूली शिक्षकों को फिर बैरंग लौटना पड़ा। इस बार तो जिला पंचायत कार्यालय में कोई ऐसा जिम्मेदार अधिकारी भी उपस्थित नहीं था। जो शिक्षकों को यह बताता कि अगली बार उन्हें कब आना है।

जिला पंचायत कार्यालय में सोमवार आए शिक्षकों में से कई शिक्षक ऐसे भी थे। जिन्होंने छात्रावास अधीक्षक बनने अब तक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में अपने आवेदन जमा नहीं किए थे। उन्हें इतना ही मालूम है कि स्कूली शिक्षकों को कलेक्टर विकास नरवाल ने अधीक्षक बनाने का आफर दिया, वह भी मौखिक। इसी आफर पर 41 शिक्षकों ने अधीक्षक बनने अपने आवेदन लगभग 15 दिन पहले आदिवासी विकास सहायक आयुक्त कार्यालय में जमा किए थे। इंटरव्यू के लिए आए अध्यापक भैया लाल अहिरवार ने बताया कि पहले से सूचना मिल गई होती तो समय की बर्बादी न होती। एक अन्य अध्यापक शैलेंद्र चढ़ार ने बताया कि मै जरुआखेड़ा से आया हूं।

इंटरव्यू के लिए इन्हें तीन फरवरी को जिला पंचायत कार्यालय पहुंचने के निर्देश प्रभारी सहायक आयुक्त जीएस यादव ने दिए थे। तीन फरवरी को सभी शिक्षक दोपहर 2 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और सभाकक्ष में बैठ गए। जिला पंचायत सीईओ राजीव रंजन मीणा शाम को सभाकक्ष में पहुंचे। जहां शिक्षकों को बताया कि अधीक्षक के रूप में उन्हें छात्रावास में क्या-क्या करना होगा। इस मौके पर प्रभारी सहायक आयुक्त जीएस यादव, डीपीसी एचपी कुर्मी, स्कूल शिक्षा के सहायक संचालक धीरेंद्र मिश्र मौजूद थे। इंटरव्यू का इंतजार कर रहे शिक्षकों को शाम करीब सात बजे बताया गया कि 6 फरवरी काे दोपहर 2 बजे जिला पंचायत कार्यालय आना। उसी दिन आप लोगों के बारे में निर्णय लिया जाएगा। इसलिए 6 फरवरी यानी सोमवार को शिक्षक अपने स्कूल से निकले और सीधे जिला पंचायत कार्यालय में आए। लेकिन कार्यालय में जिला पंचायत सीईओ, आदिवासी विकास के प्रभारी सहायक आयुक्त तक नहीं मिले। शिक्षकों ने प्रभार सहायक आयुक्त जीएस यादव को फोन लगाया तो पता चला कि इंटरव्यू स्थगित कर दिए गए हैं। अगली तारीख फिलहाल तय नहीं है। तय हो जाएगी तो फोन पर मैसेज देंगे।

कलेक्टर ने विज्ञापन

देने के निर्देश दिए
सोमवार काे होने वाला इंटरव्यू स्थगित कर दिया गया था। कलेक्टर ने अधीक्षक पद के लिए अब विज्ञापन प्रकाशित करने के निर्देश दिए है। स्कूली शिक्षकों को आदिवासी विकास विभाग के ऐसे छात्रावासों का अधीक्षक बनाया जाना है। 22 छात्रावासों में अधीक्षक के पद खाली हैं। - जीएस यादव, प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास

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