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बिल्डिंग तैयार, अब सड़क की जरूरत

7 वर्ष पहले
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कलेक्टर ने सड़क की मंजूरी के लिए पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता को पत्र लिखा

नगरसंवाददाता | सागर

तिलीगांव के पास पहाड़ी पर सेंट्रल स्कूल क्रमांक 3 की नई बिल्डिंग बनकर तैयार है, लेकिन मेन रोड (राजघाट रोड) से स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं बन सकी है। इसके चलते स्कूल इस नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पा रहा है। मेनरोड से स्कूल तक करीब 400 मीटर की सड़क बनना है। वर्तमान में जो रास्ता है वह कच्चा एवं ऊंचा-नीचा है। इधर स्कूल भवन नहीं होने के कारण सेंट्रल स्कूल क्रमांक-3 पिछले दो साल से कैंट स्थित स्कूल क्रमांक-1 में लग रहा है।

सड़कबनी तो इसी सत्र में शिफ्ट हो जाएंगे : स्कूलके प्रभारी प्राचार्य एसबी पांडे के अनुसार स्कूल भवन करीब-करीब बन चुका है, लेकिन पहुंच मार्ग के नाम पर केवल एक पगडंडीनुमा रास्ता है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को चिट्ठी लिखी है। जिसमें सड़क बनाने की मांग की गई है। पांडे के मुताबिक स्कूल भवन की लागत करीब 9.50 करोड़ है, लेकिन इसमें सड़क की लागत शामिल नहीं है। हालांकि नियम भी यही है कि सेंट्रल स्कूल या अन्य किसी भवन के लिए पहुंच मार्ग बनवाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है, इसलिए हम शासन से सड़क की मांग कर रहे हैं।

केंद्रीय विद्यालय नंबर-3

सागर . केंद्रीयविद्यालय क्रमांक-3 पहुंचने के लिए अभी यह रास्ता है।

भवन नहीं होने के कारण देर शाम घर पहुंच रहे बच्चे

स्कूलक्रमांक-3 के पास भवन नहीं होने के कारण उनकी कक्षाएं स्कूल क्रमांक-1 में लगाई जा रही हैं। जिसका सीध प्रभाव वहां पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। वर्तमान में दोनों स्कूल प्रबंधन आपसी सहमति से क्रमांक 3 की कक्षा 1 से 10 तक दो शिफ्ट में लगाई जा रही हैं। सुबह 7.30 बजे की पहली शिफ्ट तो ठीक है। दूसरी शिफ्ट में पढ़ने वाले बच्चों को खासी परेशानी हो रही है। यह शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम 5.30 बजे खत्म होती है। इसके चलते कई बच्चे तो शाम 7 बजे के बाद ही घर पहुंच पाते हैं। ठंड और बारिश के मौसम में यह टाइमिंग ज्यादा तकलीफदेह हो जाती है। स्कूल में इस समय बच्चों की संख्या 400 से ज्यादा है।

भवन नहीं होने के कारण देर शाम घर पहुंच रहे बच्चे

स्कूलक्रमांक-3 के पास भवन नहीं होने के कारण उनकी कक्षाएं स्कूल क्रमांक-1 में लगाई जा रही हैं। जिसका सीध प्रभाव वहां पढ़ने