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विवि में मशीन की टक्कर से टूटे बिजली के तार, सड़क पर फैला करंट, बड़ा हादसा टला
Áपखवाड़े भर पहले गर्ल्स हॉस्टल के पास भी एक मशीन की टक्कर से टूट गई थी बिजली लाइन
Áनिर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों के कर्मचारियों की लापरवाही फिर आई सामने
भास्कर संवाददाता | सागर
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार की मशीन की टक्कर से विवि में बिजली के तार टूट गए। ग्रीन हॉस्टल से लेकर एप्लाइड जियोलॉजी विभाग की दोनों बिल्डिंग एवं भूगोल और जूलॉजी विभाग की बिजली सप्लाई बंद हो गई। यह मशीन भू-गर्भशास्त्र विभाग में चल रहे निर्माण कार्य में लगी हुई थी। जिस समय यह हादसा हुअा, उस समय वहां विद्यार्थी या अन्य कोई मौजूद नहीं थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जानकारी के मुताबिक मिक्सर मशीन के ऊपर बड़े-बड़े लोहे के एंगल लगे हुए थे। इसे ले जा रही लेबर ने लापरवाही दिखाते हुए तारों पर ध्यान नहीं दिया, जिससे यह मशीन बिजली के तारों से टकरा गई। शाम करीब 4.30 बजे हुए इस हादसे के तुरंत बाद बड़ा धमाका हुआ। तार टूटकर सड़क पर बिछ गए। इनमें करंट फैल रहा था। विभागीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर आवागमन रोका। सुरक्षाकर्मी भी तुरंत दौड़े। इसके बाद सूचना मिलने पर यंत्री विभाग द्वारा बिजली की सप्लाई बंद की गई। तार हटाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। मशीन में टायर के पहिया होने के कारण करंट नहीं फैला, नहीं तो इसे लेकर जा रहे करीब 6-7 लेबर कर्मचारियों की जान भी संकट में आ सकती थी। पखवाड़े भर के भीतर यह दूसरा मौका है, जब ठेकेदार के कर्मचारियों ने लापरवाही दिखाते हुए इस प्रकार से बिजली के तार तोड़े हों। हाल ही में नए बन रहे गर्ल्स हॉस्टल के पास भी एक मशीन की टक्कर से बिजली के तार टूट गए थे और ठेकेदार के आदमी विवि प्रशासन को सूचना दिए बिना ही भाग गए थे। उसके बाद पूरे 24 घंटे तक आधे से अधिक कैंपस एवं गर्ल्स हॉस्टल में बत्ती गुल रही थी।
इस मामले में यंत्री विभाग द्वारा लाइट तो सुधार ली गई थी, लेकिन संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध या जिम्मेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई तय नहीं की थी।
सागर. निर्माण ठेकेदार की मशीन में बिजली के तार उलझ गए।