पालकी में बैठकर भ्रमण पर निकले श्रीजी
कच्चारोड स्थित गौशाला परिसर में चल रहे समोवशरण महामंडल विधान के लिए जैन मंदिरों से भगवान श्रीजी को स्वर्ण विमान में विराजकर शहर भ्रमण कराया गया। मुनियों के सानिध्य में महामंडल विधान शुरू हुआ।
शुक्रवार की सुबह इटावा स्थित नाभिनंदन दिगंबर जैन मंदिर से भगवान श्रीजी को स्वर्ण विमान में विराजकर निकाला गया और खुरई रोड स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचा जहां से भगवान श्रीजी को स्वर्ण विमान से बड़ी बजरिया स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ले जाया गया।
दोपहर एक बजे बड़ी बजरिया से घटयात्रा निकाली गई जिसमें सबसे आगे मुनि अभयसागर, मुनि प्रभातसागर एवं मुनि पूज्यसागर ससंघ चल रहे थे। उसके बाद स्वर्ण विमानों में भगवान श्रीजी थे, जिनको कांधे पर उठाने के लिए जैन श्रद्धालुओं में होड़ सी लगी थी। शोभायात्रा में महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर सुंदर कलशों को सिर पर रखा हुआ था। कतारबद्ध महिलाएं घटयात्रा को आकर्षित बना रही थीं। बीच में गंजबासोदा से आए एवं स्थानीय युवा बैंड लेकर यात्रा को संगीतमयी बना रहे थे। यात्रा के साथ ऐरावत हाथी, बग्गी, घोड़े, सौधर्म इंद्र, भरत चक्रवर्ती, कुबेर, यज्ञनायक, बाहुबली, राजा सोन, ईशान इंद्र चल रहे थे। शोभायात्रा के रूप् में सभी गौशाला परिसर स्थित समोशरण तक पहुंचे। यहां ध्वजारोहण कर महामंडल विधान का शुभारंभ किया गया। यह विधान शुक्रवार से शुरू होकर 5 अक्टूबर तक चलेगा। जिसमें बीना, खुरई, मुंगावली, अशोकनगर, सागर, विदिशा, गंजबासोदा, भोपाल, इंदौर, जबलपुर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
बीना में श्री 1008 समोवशरण अर्हत् चक्र महामंडल विधान के पहले दिन शहर में विमान जी की घटयात्रा निकाली गई।