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स्वास्थ्य विभाग हुआ नाकाम, अब दिल्ली से आएगी डॉक्टरों की टीम
डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन भी नजर अंदाज
स्थानीयस्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मामले में डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन को किनारे कर दिया। लार्वा सर्वे से लेकर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव मच्छर नाशक स्प्रे कराने में हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। ढाई महीने बाद भी डेंगू के मामले लगातार सामने रहे हैं। तत्परता के अभाव में अधिकारियों को हफ्तों बाद डेंगू की गंभीरता का अंदाजा हो पाया। डेंगू कंट्रोल करने से ज्यादा अधिकारी डेंगू से हुई मौतों को नकारने और डेंगू पॉजिटिव मरीजों के मामलों को दबाने में जुटे है। जिला स्तर से प्रदेश और दिल्ली तक गलत रिपोर्टिंग का नतीजा है कि सेंट्रल से अभी तक मदद नहीं मिल सकी।
दो-तीनदिन में टीम सकती हैं
Ãडेंगूके मामलों को गंभीरता से लिया गया है। प्रदेश में अन्य जिलों में भी डेंगू के मामले सामने रहे हैं। दिल्ली से टीमें प्रदेश में गई हैं। अभी बैतूल में हैं। संभवतः अगले दो-तीन दिनों में टीम सागर सकती हैं। -डॉ. केएल साहू, डायरेक्टर,स्वास्थ्य संचालनालय, सागर
कंट्रोलहो गया, फिर लोग क्यों मर रहे हैं
Ãस्वास्थ्यविभाग के अधिकारी डेंगू कंट्रोल के दावे कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो फिर डेंगू से लोग क्यों मर रहे हैं। लगातार क्यों मरीज पॉजिटिव निकल रहे हैं। मंत्री, प्रमुख सचिव ने नहीं सुनी इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर दिल्ली से मदद मांगी थी। टीमें आकर डेंगू कंट्रोल करें तो कई जाने बचाई जा सकती हैं। -हर्ष यादव, विधायकदेवरी
{ ढाईमहीने में डेंगू से छह मौतें, 100 के आसपास मामले सामने चुके हैं।
{डेंगूके मामले में देवरी ब्लॉक डेंजर जोन बन चुका है।
नगरसंवाददाता | सागर
डेंगूके मामले में डेंजर जोन बन चुके देवरी ब्लॉक सहित जिले के करीब आधा दर्जन ब्लॉकों के डेंगू के केस मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन डेंगू कंट्रोल करने में नाकाम रहा है। डेंगू की गंभीरता को देखते हुए इस हफ्ते दिल्ली से टीम सकती है।
प्रदेश की राजधानी के बाद सागर जिले के देवरी में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग तमाम संसाधनों के बाद भी डेंगू कंट्रोल करने में लगातार अक्षम साबित हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली से विशेषज्ञों के साथ टीमें पिछले हफ्ते प्रदेश में आई हैं।