1924 में बना स्कूल जर्जर हुआ तो संवारने जुटे 24 लोग
लोग जुड़ते गए-कारवां बढ़ता गया
मढ़िया नाका स्थित 92 साल पुराने शासकीय प्राथमिक स्कूल को देखकर लोग ठहर जाते हैं। उन्हें यकीन नहीं होता कि कुछ दिन पहले तक जो हाल स्कूल का था, वह अचानक से संवरने कैसे लगा है। जिस जगह मैदान के नाम पर बच्चों को खेलने 10 बाई 10 की जगह तक नहीं दिखाई देती थी, उसमें इतना बड़ा मैदान कहां से आ गया, जिस पर बच्चे खेलने-कूंदने लगे हैं। जिस जगह लोग सांझ ढलते ही जाने से कतराने लगे थे, वहां अब रात दूधिया रोशनी से नहाई रहती है। चहल-पहल देर रात तक होने लगी है। बदलती हुई तस्वीर के सूत्रधार बने हैं स्कूल के ही पूर्व छात्र और स्थानीय लोग। 1924 में बने इस स्कूल को कुल 24 लोग संवार रहे हैं। पहले चरण में यहां का अतिक्रमण हट गया है। कुछ ही दिनों में पेवर ब्लॉक लगने लगेंगे। जर्जर भवन का जीर्णोद्धार होगा। इसमें सभी आधारभूत सुविधाएं होंगी। सभी चाहते हैं कि इसे शासन द्वारा अपनी योजना के तहत इंग्लिश मीडियम का कर दिया जाए।
लोगों ने कर लिया था अतिक्रमण : लोगों ने अतिक्रमण कर लिया और स्कूल के भवन को जर्जर अवस्था में पहुंचा दिया। इस स्कूल की इस दशा को देखकर स्कूल में सन 1975 बैच के छात्रों और आसपास रहने वाले कुछ जागरूक लोगों ने स्कूल की हालत को सुधारने और स्कूल को पहले से भी बेहतर बनाने का संकल्प लिया और जुट गए स्कूल के जीर्णोद्धार में। स्कूल परिसर के आसपास का अतिक्रमण हटवाकर स्कूल के खेल मैदान को समतल कराया और अब शाला भवन और आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
विद्यार्थियों की संख्या हुई कम
जर्जर हालत के चलते यहां सिर्फ 30 बच्चे ही अध्ययनरत हैं। पहले स्कूल के 4 कक्षों में क्लास लगती थीं। 2 कक्षों की हालत काफी जर्जर होने से अब स्कूल भवन में 2 कमरे हैं जहां पर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। स्कूल में वर्तमान में 2 शिक्षक हैं। इन्होंने भी अपने स्तर पर स्कूल की हालत के संबंध में अपने स्तर पर प्रयास किए, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
पूर्व छात्रों की लगन को देखकर आसपास के लोग भी आगे आए और जुट गए स्कूल को वही पुराना रूप और वैभव दिलाने के संकल्प में। राजेश कटारे, दीपक चौरसिया, रामेश्वर नेमा, अंकित पालीवाल, दीपक व्यास, गोपाल सोनी, राजा नेमा, रमाकांत सोनी, श्याम नेमा, बाला नेमा, आनंद गुप्ता, गुड्डा सोनी ने आगे आकर अपने-अपने स्तर पर शाला भवन के सुधार के लिए जुट गए। इन्हीं की देखादेखी पार्षद सोमेश जड़िया ने पार्षद निधि से शाला भवन में 2 लाख रुपए के कार्य करने की स्वीकृति दी। विधायक शैलेंद्र जैन ने भी स्कूल का दौरा कर शाला के दो जर्जर भवनों को सामुदायिक भवन के रूप में बनाने की सहमति दी गई है।
सागर. जनसहयोग से शासकीय प्राथमिक बालक शाला मढ़िया नाका के जर्जर भवन का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
इनके प्रयास से जुटना शुरू हुआ जनसहयोग
सन 1975 के बेच के छात्र भानू पालीवाल ने अपने साथ पढ़ने वाले लोगों और आसपास के रहवासियों से चर्चा कर जनसहयोग जुटाया। सहपाठी रहे माधव सोनी, मन्नूलाल नामदेव, कौशल सेन, अनिल पालीवाल, आशुतोष पालीवाल, बलराम बड़ोन्या, महादेव सोनी, लक्ष्मीनारायण जड़िया, विनोद सोनी, अशाेक नामदेव, त्रिलोकीनाथ कटारे को भी अपने साथ लिया और जुट गए शाला के विकास के लिए प्रयास करने। 50 हजार रुपए एकत्र कर मैदान समतल कराया।