रिजर्वेशन फॉर्म में सही जानकारी नहीं भरी तो टिकट होगा निरस्त
रेलवे के रिजर्वेशन काउंटरों और यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए रेलवे ने अपनी रिजर्वेशन व्यवस्था में बदलाव कर लिए हैं। इसके तहत इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काफी तैयारियां कर चुका है। अब रिजर्वेशन के फॉर्म में गलत जानकारी देने पर टिकट कैंसिल के साथ ही अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही सीनियर सिटीजन के टिकट पर यात्रा करते पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी।
लिखना होगा पूरा नाम : रेलवे रिजर्वेशन के नए आवेदनों में अब यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए पूरा नाम लिखना होगा। इसके लिए नए आवेदन जल्द ही काउंटरों पर उपलब्ध होंगे। जबलपुर मंडल द्वारा डिवीजन अधिकारियों को पहले ही दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। नए रिजर्वेशन के आवेदन में यात्रा करने वाले यात्री को अपना पूरा नाम लिखना होगा। उदाहरण के तौर पर ( एसके श्रीवास्तव) की जगह सुरेश कुमार श्रीवास्तव लिखाना होगा। साथ ही रिजर्वेशन के दौरान आईडी को लेकर भी चलना होगा। नया रिजर्वेशन फॉर्म पुराने आवेदन से बड़ा होगा।
नई व्यवस्था के तहत होगी हर चीज की जानकारी
रेलवे रिजर्वेशन की नई व्यवस्था के तहत पूरी जानकारी रेलवे के पास होगी। जिसमें आवेदक का नाम, उम्र, निवास, सफर का समय, सफर की दूरी, टिकट का किराया आदि की जानकारी भी शामिल होगी। इस व्यवस्था का लागू करने के पीछे का मकसद यात्रियों को बेहतर सुविधा और रेलवे सुविधा में पारदर्शिता को लाना है।
Ãरिजर्वेशन व्यवस्था में काफी बदलाव किए जा चुके हैं। अभी और भी बदलाव किए जाना बाकी है। नई व्यवस्था के तहत पूरी जानकारी यात्री को देनी होगी। शॉट नेम पूरी तरह से बंद किए जाएगा। यात्री को रिजर्वेशन के लिए यात्री अपना पूरा नाम लिखना आदि बदलाव किए जा चुके है। पहले की अपेक्षा फॉर्म भी बड़ा होगा, ताकि पूरी जानकारी रेलवे के पास उपलब्ध हो सके। - राजेंद्र प्रसाद कतिया, पीआरएस, जबलपुर मंडल, रेलवे
जिसका टिकट वहीं करेगा यात्रा
बिचौलियों से बचने और सीनियर सिटीजन को लाभ मिल सके। इसके लिए सीनियर सिटीजन के रिजर्वेशन फॉर्म पर आयु, पता मोबाइल नंबर आदि जानकारी पहले भी देनी पड़ेगी। रेलवे अधिकारियों की माने तो रिजर्वेशन के दौरान सिटी सिटीजन टिकट कराने नहीं आते थे। जिसके चलते कई बार सीनियर सिटीजन का टिकट बनाकर युवा रियायत लेते हुए इस सुविधा का लाभ उठा लेते थे। ट्रेन में चेकिंग के दौरान ऐसे कई मामलों के सामने आने के बाद सुविधा में बदलाव किया गया है।