संविदाकर्मियों से विधायक बोले- मुख्यमंत्री को भेजेंगे मांगें
ग्रामीण विकास विभाग के संविदा अधिकारी, कर्मचारी और रोजगार सहायकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर अपनी 7 दिनी हड़ताल के चौथे दिन गुरुवार को पीली कोठी के सामने धरना दिया। इस दौरान नगर विधायक शैलेंद्र जैन और सुरखी विधायक पारुल साहू इनसे मिलने पंडाल में गए। दोनों विधायकों ने ग्रामीण विकास विभाग के हड़ताली संविदा अधिकारी और कर्मचारियों की तीनों मांगों को जायज माना और कहा इसे सीएम तक पहुंचाएंगे। रोजगार सहायकों ने विधायक शैलेंद्र जैन को बताया कि महंगाई के इस दौर में हमें वेतन के रूप में सिर्फ पांच हजार रुपए ही मिलते हैं। यह सुनने के बाद विधायक बोले वास्तव में वेतन बहुत कम है। विधायक पारुल साहू ने जिला संविदा संघ की मांगों को उचित माना। लेकिन आंदोलन को नहीं।
14 तक जारी रहेगी हड़ताल : जिला संविदा संघ की मंगलवार को शुरू हुई हड़ताल 14 फरवरी तक चलेगी। संविदा अधिकारी और कर्मचारियों की इस हड़ताल से जिला पंचायत, जनपद पंचायत में मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह ठप हैं। इसका असर जिले की 750 ग्राम पंचायतों पर भी पड़ा है। उनमें मनरेगा की कपिल धारा सहित अन्य उपयोजनाओं के काम, स्वच्छ भारत मिशन के शौचालयों की राशि का भुगतान ग्रामीणों को नहीं हो रहा है।
25 से शुरू होगा अगला दौर
संविदा अधिकारी, कर्मचारियों ने 14 फरवरी तक मांग पूरी नहीं होने पर 25 फरवरी से बेमियादी हड़ताल पर जाने का फैसला दोहराया है। जिला संविदा संघ के संयोजक मंडल में शामिल आलोक मिश्र, उदय गौतम, आशीष वर्मा, प्रद्युम्न छिरोलिया, आरपी राय ने बताया आंदोलन किसी भी सूरत में वापस नहीं होगा।
ये है मुख्य मांग
Áसंविदा नीति 2015 तत्काल निरस्त हो, इसकी जगह सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तावित की गई नीति लागू की जाए Á संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों को समान पद के विरुद्ध वेतन मिले। Á संविदा कर्मियों एवं रोजगार सहायकों का नियमित किया जाए।
सागर. संविदा पंचायत कर्मचारियों के धरने में पहुंची सुरखी विधायक पारुल साहू से चर्चा करते हड़ताली कर्मचारी।