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स्कूली बच्चों में बेटा-बेटी की सूरत दिखी तो बिना सोचे बम लेकर दौड़ पड़ा... / स्कूली बच्चों में बेटा-बेटी की सूरत दिखी तो बिना सोचे बम लेकर दौड़ पड़ा...

Sagar News - स्कूल के पास मिले बम को उठाकर दौड़ने वाले हवलदार ने भास्कर को बताया वाकया भास्कर संवाददाता | सागर मैं जब मौके पर...

Bhaskar News Network

Aug 27, 2017, 06:50 AM IST
स्कूली बच्चों में बेटा-बेटी की सूरत दिखी तो बिना सोचे बम लेकर दौड़ पड़ा...
स्कूल के पास मिले बम को उठाकर दौड़ने वाले हवलदार ने भास्कर को बताया वाकया

भास्कर संवाददाता | सागर

मैं जब मौके पर पहुंचा तो बम ढाबे से फेंकी गई राख के ढेर के पास पड़ा था। देखा कि पास ही स्कूली बच्चे खेल रहे हैं। मेरी आंखों में तत्काल अपने बच्चों की सूरत तैर गई...इसके बाद सोचने को कुछ बचा नहीं था और करीब 15 किलो वजनी बम को कंधे पर रखकर दौड़ लगा दी। यह बात सुरखी पुलिस थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल अभिषेक पटेल ने कही। अभिषेक का कहना है कि स्कूल के पास बम होना बच्चों के लिए अपने आप खतरनाक में था इसलिए मैं ये करने का साहस जुटा सका।

अच्छा पुलिसकर्मी वही जो दूसरे के बजाए खुद खतरा उठाए : बतौर अभिषेक, मेरे पिता भी मप्र पुलिस में हैं। वे अक्सर बोलते हैं कि असली पुलिसवाला वही है जो खतरे के समय स्वयं आगे बढ़कर काम को अंजाम दे। शनिवार की सुबह मीडिया के जरिए मेरी प|ी रीना को घटनाक्रम पता चला तो उसने नाराजगी जताई। लेकिन जब मैंने कहा बेटा-बेटी अदिति-यशराज की तरह दर्जनों बच्चों के लिए ये बम खतरा हो सकता था। इसलिए मैंने यह सब किया।

जीवन की सेल्फी : हवलदार अभिषेक पटेल अपने परिवार के साथ।

गड्‌ढे में रखा बम।

सेना और पुलिस दोनों ही बम को शनिवार को नष्ट नहीं कर पाए। सुबह 10 बजे पुलिस बम डिस्पोजल स्क्वॉड मौके पर पहुंच गया। इसके बाद सेना के कुछ अफसर-जवान आए। उन्होंने बताया कि इस बम को फोड़ने के लिए कलेक्टर की परमिशन चाहिए। इसके बाद राजस्व अधिकारी, कलेक्टर से इस संबंध में अनुमति के लिए दौड़े। शाम तक कलेक्टर आलोक सिंह की अनुमति सेना के अधिकारियों के पास पहुंच गई। इसी बीच सेना के एक अफसर ने कहा कि ये बम आज नहीं फूट सकता। दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालय से इस संबंध में अनुमति लेना होगी। इस तरह से देरशाम को एक बार फिर ये बम डिस्पोज नहीं हो सका। पुलिस की बीडीएस टीम ने इसे डिस्पोज करने की पहल की थी, सेना के अफसर भी तैयार हो गए थे। लेकिन इस मामले में आईजी सतीशकुमार सक्सेना के मना करने के बाद बीडीएस पीछे हट गया।

सेना और पुलिस दोनों ही बम को शनिवार को नष्ट नहीं कर पाए। सुबह 10 बजे पुलिस बम डिस्पोजल स्क्वॉड मौके पर पहुंच गया। इसके बाद सेना के कुछ अफसर-जवान आए। उन्होंने बताया कि इस बम को फोड़ने के लिए कलेक्टर की परमिशन चाहिए। इसके बाद राजस्व अधिकारी, कलेक्टर से इस संबंध में अनुमति के लिए दौड़े। शाम तक कलेक्टर आलोक सिंह की अनुमति सेना के अधिकारियों के पास पहुंच गई। इसी बीच सेना के एक अफसर ने कहा कि ये बम आज नहीं फूट सकता। दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालय से इस संबंध में अनुमति लेना होगी। इस तरह से देरशाम को एक बार फिर ये बम डिस्पोज नहीं हो सका। पुलिस की बीडीएस टीम ने इसे डिस्पोज करने की पहल की थी, सेना के अफसर भी तैयार हो गए थे। लेकिन इस मामले में आईजी सतीशकुमार सक्सेना के मना करने के बाद बीडीएस पीछे हट गया।

आज सुबह 9 बजे सेना विस्फोट कर नष्ट करेगी

सुरखी पुलिस थाना प्रभारी रावेंद्रसिंह बागरी के अनुसार रविवार को सुबह 9 बजे यह बम डिस्पोज करा दिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से इसे पानी से भरे एक गड्ढे में प्लास्टिक के कैरेट में रखवा दिया गया है। साथ ही आसपास पुलिस का पहरा भी लगाया गया है ताकि ये बम सिविलियंस की पहुंच से दूर रहे । पुलिस के अनुसार बम की मारक क्षमता 100 मीटर तक व्यास क्षेत्र है। सेना के एक अफसर के अनुसार ये बम आरटी कहलाता है जो प्रैक्टिस के लिए उपयोग होता है।

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