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प्रतिभाओं, बुद्धिजीवियों बुजुर्गों का सम्मान किया
अखिलभारतीय बाल्मीकी महासभा और अनुसूचित जाति युवजन समाज के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को बाल्मीकी मंदिर कैंट में नववर्ष मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज की कला, संगीत, साहित्य, शिक्षा से जुड़ी प्रतिभाओं, बुजुर्गों और बुद्धिजीवियों का सम्मान किया गया। शायरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर शायर राजू घावरिया आशिक को साहित्य कला सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि घावरिया ने कहा कि अंधकार से प्रकाश की ओर मानव यात्रा का नाम शिक्षा है। शिक्षा से मनुष्य की अज्ञानता दूर होती है। कार्यक्रम को सुमित्रा बाल्मीकी, राज्य सफाई आयोग के सदस्य अशोक बाल्मीकी, श्रीमती एच नाहर, महेश सारिया तथा संघ के प्रांतीय अध्यक्ष ओपी गोदिया ने भी संबाेधित किया। इसके बाद समाज के बुजुर्गों, मेधावी छात्र-छात्राओं, शिक्षक, पूर्व एवं वर्तमान खिलाड़ियों, अखाड़ों के उस्तादों, पहलवानों, जांबाज सैनिकों, जनप्रतिनिधियों तथा अन्य विधाओं से जुड़ी प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में जमना प्रसाद बोहत, घनश्याम कछवाहा, मीना चंदेलिया, रीता कछवाहा, खूबचंद डागौर, नारायण पथरोल, शिवप्रसाद बोहत, मनीष नहारिया, महेंद्र बोहत, भोलाप्रसाद करोसिया, मनोज घारू, राजू सनकत सुरेश नहारिया, सिकंदर लाल चौहान आदि मौजूद थे।