सागर। यह उस नि:संतान मां की कहानी है, जिसने सड़क पर मिले एक अनाथ बच्चे के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया। कुछ क्षणों में ही जीवनभर से संजोकर रखी पूरी ममता उडेल दी। ममत्व की यह अनोखी मिसाल बुधवार को सागर में देखने को मिली।
नि:संतान रेखा को सड़क पर एक नवजात मिला। उसने अपना कर्तव्य समझकर 108 को सूचना दी। खुद पति के साथ अस्पताल तक बच्चे को छोड़ने आई। लेकिन गोद से बच्चा छूटते ही वह उस नन्हीं जान के लिए तड़प उठी। कुछ देर में ही नजरे बचाकर उसने बच्चे को उठाया और घर वापस आकर उसे दुलारने लगी। उसकी यह खुशी ज्यादा देर नहीं रही। पुलिस ने बच्चा बरामद कर महिला और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है।
बुधवार को जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पता चला कि कुछ देर पहले ही आया एक नवजात चोरी हो गया है। सिविल सर्जन से लेकर पूरे स्टाफ ने तत्काल झूठ बोलना शुरू कर दिया कि बच्चा हमारे यहां आया ही नहीं। फिर कहा गया कि 108 वाले बच्चा लेकर आए थे, लेकिन साथ ले गए। हालांकि 108 के स्टाफ के पास बच्चे की सुपुर्दगी के दस्तावेज थे।
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