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महिलाओं ने ओढ़ा दी बंजर पहाड़ी को हरियाली की चादर

7 वर्ष पहले
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शाजापुर। जिले की गुलाना तहसील के ग्राम माधोपुर कंजर डेरा की महिलाओं ने बंजर पहाड़ी पर हजारों पौधे लगाकर पत्थर पर फूल खिलाने का कमाल कर दिखाया है। डेरे की महिलाओं ने समीप की 10 बीघा सरकारी जमीन में 3500 पौधे लगाए। तीन साल पहले शुरू हुए इस अभियान में 2500 पौधे बड़े होकर अब पेड़ का रूप लेने लगे हैं।
इन्होंने बरगद, आम, नीम, पीपल, शीशम, आंवला, जामुन आदि सहित अन्य प्रजाति के पौधे लगाए हैं। महिलाओं की पहल को साकार होते देख पुरुष बच्चे भी आगे आए। बाकायदा तार फैंसिंग कर पौधों की सुरक्षा की।
साथ ही पौधों में पानी देने के लिए परिसर में ट्यूबवेल और हैंडपंप भी लगा लिया। नतीजतन तीन साल पहले बंजर दिखाई देने वाली पहाड़ी अब पूरी तरह से हरी-भरी हो गई है।
गुलाना तहसील की ग्राम पंचायत मोरटा मलोथर के अंतर्गत आने वाले माधोपुर कंजर डेरे की पवित्राबाई, लीलाबाई, खातूनबाई, शाबीबाई, संगीताबाई, प्रेमबाई, कैलाशबाई, पप्पूबाई, ज्योति, ललिता, अंगलेश एवं लाजोबाई ने तीन साल पहले बंजर पहाड़ी को हरा-भरा करने का संकल्प लिया और समीप स्थित हनुमान मंदिर के आसपास की पहाड़ी पर इसकी शुरुआत भी कर दी।
हरियाली का संकल्प लिए शुरू हुई महिलाओं इस पहल में पुरुष युवा भी शामिल हो गए। पहले ही साल चंदा जुटाकर उन्होंने 3500 फलदार और छायादार पौधे रोप दिए। पौधों की सुरक्षा के लिए परिसर के चारों तरफ रहवासियों ने तार फैंसिंग की और ट्यूबवेल खनन कराकर पौधों को देना शुरू कर दिया। नियमित देखरेख का अब परिणाम देखने को मिल रहा है। कुछ साल पहले बंजर पड़ी पहाड़ी अब पर हरियाली नजर आती है। ,

महिलाओं ने पैसा एकत्रित कर लगाया ट्यूबवेल
जिसक्षेत्र में पौधे लगाए जा रहे हैं, उसी परिसर में करीब 100 साल पुराना हनुमान मंदिर है। मंदिर के पुजारी सूरजदास ने बताया माधोपुर कंजर डेरे की महिलाएं गृहस्थी का काम निपटाने के बाद पौधों की देखभाल करती हैं। महिलाओं ने रुपए एकत्रित कर परिसर में ट्यूबवेल लगाया। बाकायदा योजनाबद्ध तरीके से पूरे परिसर में पाइप बिछाया और ट्यूबवेल के जरिए वे पौधों में पानी देती हैं। ,

पेयजल संकट में टैंकर से बुझाई पौधों की प्यास
पेयजलसंकट के दौरान पिछले साल ट्यूबवेल ने दम तोड़ दिया। इस कारण पौधे मुरझाने लगे। यह देख महिलाओं ने पानी खरीदकर टैंकरों से पौधों को पानी पिलाया। दस बीघा जमीन को हरा-भरा करने के लिए महिलाएं अब तक लाखों रुपए खर्च कर चुकी हैं।
महिलाओं का कहना है कि यह खर्च पशुपालन संबंधित व्यापार से होने वाली बचत एवं खेती में होने वाले लाभ से किया गया।
डेरे की महिलाओं की पहल से क्षेत्र में फैली हरियाली
^कंजरडेरे की महिलाओं ने बंजर पहाड़ी पर तीन साल पहले पौधे लगाए थे। पौधों की सुरक्षा कर उन्हें नियमित पानी देने से अब ये पौधे पेड़ का रूप लेने लगे हैं। पहाड़ी पर अब हरियाली नजर आती है। विष्णु परमार, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत मोरटा मलोथर
माधोपुर कंजर डेरा की महिलाओं ने 10 बीघा जमीन में 3500 पौधे लगाकर बना दी नर्सरी।
- महिलाओं के अभियान में पुरुष बच्चे भी शामिल ।
- चंदा जुटाकर पौधे खरीदे और चंदे से ही पौधों को पानी देने के लिए लगाया ट्यूबवेल।
(बोलाई. पौधों की देखभाल करते समुदाय की महिलाएं। इनसेट: बड़े होकर पेड़ का रूप लेने लगे पौधे।)