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जड़ी-बूटी से कुपोषित बच्चों के पोषण का अभिनव प्रयोग
जड़ी-बूटियों की मदद से कुपोषित बच्चों के इलाज में शासन द्वारा किए गए प्रयास में आयुर्वेदिक औषधालय के प्रयोग ज्यादा कारगर साबित हुए है। इंगोरिया के समीप जहांगीरपुर स्थित शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय में जुलाई माह में आयोजित शिविर में पहुंचे 17 बच्चें कुपोषण से मुक्त होने की स्थिति में गए है। बच्चों का वजन 150 ग्राम से 1200 ग्राम तक बढ़ा है। पिछले दो माह में वे बीमार भी नहीं हुए।
प्रदेश में बच्चों का कुपोषण एक गंभीर समस्या है। प्रदेश सरकार द्वारा इसे दूर करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई है लेकिन अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे। बीमारी से लड़ने के लिए शासन सभी तरीके आजमा रही है। अब तक हुए प्रयासों में जड़ी-बूटी की औषधी,खीर और तेल मालिश करके बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के अभिनव प्रयोग में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हंै। महिला एवं बाल विकास विभाग के बड़नगर ब्लॉक में कुपोषित बच्चों के लिए आयोजित शिविर में भी संस्था द्वारा खीर एवं तेल प्रदान किया। इसमें 110 बच्चों को उपचार से लाभ हुआ है। जिले के जहांगीरपुर में बच्चों का आयुर्वेदिक पद्धति से 2012 से इलाज किया जा रहा है, जिसमें अब तक कुल 195 बच्चों को कुपोषण से राहत मिली है।
^शासनके निर्देशों पर कुपोषण का उपचार शुरू किया है। 2012 से अब तक कुल 195 बच्चों को लाभान्वित किया है सभी का वजन लगातार बढ़ रहा है।^डॉ.एसएन पांडे,आयुर्वेदिकचिकित्सा अधिकारी जहांगीरपुर तहसील बड़नगर