उज्जैन। दशहरे के अवसर पर महाकाल मैदान से शनिवार को 300 महिलाएं हाथों में दण्ड और शस्त्र लिए श्वेत वस्त्रों में शक्ति प्रदर्शन करते निकली। साढ़े 4 किलो मीटर लंबे मार्ग पर पथ संचलन में कदमताल करती महिलाओं का शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
राष्ट्रीय सेविका समिति उज्जैन के तत्वावधान में दशहरे से पूर्व शहर में लगातार दूसरे वर्ष यह पथ संचलन निकाला गया। उज्जैन नगर कार्यवाहिका दीपा केवलिया ने बताया शाम 4.30 बजे बहनों का पथ संचलन शुरू हुआ।
संचलन में आगे दण्ड वाहिनी फिर शस्त्र वाहिनी, बीच में राष्ट्रीय धुन के साथ घोष, ध्वज और आखिरी में दण्ड वाहिनी के साथ रथ था जिसमें शस्त्र रखे थे। महाकाल से शुरू हुआ संचलन गुदरी, बक्षी बाजार, पानदरीबा, कार्तिक चौक, गणगौर दरवाजा, दानीगेट, ढाबारोड, टंकी चौक, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनीबाजार, गुदरी चौराहा होकर शाम 6.15 बजे पुन: महाकाल मैदान पहुंचा। यहां बहनों ने सामूहिक वंदे मातरम का गान किया। वक्ता विभाग कार्यवाहिका भारती कुशवाह थी। अध्यक्षता लोटी स्कूल सीबीएससी की प्राचार्य संगीता पाटकर ने की। संचालन शारीरिक प्रमुख निधि शर्मा ने किया।
दशहरे पर पांच जगह से पथ संचलन
दशहरेपर 3 अक्टूबर को सुबह 7.30 बजे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच पथसंचलन निकलेंगे। प्रचार प्रमुख पारस गेहलोत ने बताया महाकाल मैदान, क्षीरसागर, इंदिरानगर, राजेंद्रनगर और शास्त्रीनगर मैदान से यह संचलन निकाले जाएंगे। इसकी तैयािरयां शुरू हो गई है।